Homeविदेशहोर्मुज में बारूदी सुरंग से टकराकर जहाज डूबा:जंग शुरू होने के बाद...

होर्मुज में बारूदी सुरंग से टकराकर जहाज डूबा:जंग शुरू होने के बाद पहली बार ऐसा हुआ, 2500 कंटेनर रखे थे

होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंग से टकराकर बुधवार सुबह एक मालवाहक जहाज डूब गया। जहाज में 2500 कंटेनर थे। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने यह जानकारी दी। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, टक्कर के बाद जहाज में आग लग गई थी। जंग शुरू होने के बाद यह पहली बार है, जब बारूदी सुरंग से टकराकर कोई जहाज डूबा है। रॉयटर्स के मुताबिक डूबने वाले जहाज का नाम GFS प्राइड है। यह सिंगापुर के झंडे के तहत चल रहा था और इसमें एक बार में 2,824 कंटेनर ले जाने की क्षमता थी। जहाज का कामकाज UAE की एक कंपनी के पास था। जहाज पर कितने लोग सवार थे इसकी जानकारी नहीं मिली है। IRGC बोली- जहाज खतरनाक रास्ते से जा रहा था IRGC ने बुधवार को बताया कि जहाज होर्मुज के पास एक ऐसे रास्ते से गुजर रहा था, जिसे इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी और रास्ता खतरनाक था। ईरान पहले भी कई बार चेतावनी दे चुका है कि अगर कोई जहाज उसकी ओर से तय किए गए रास्ते से हटकर चलेगा, तो उसके परिणाम की जिम्मेदारी उसी की होगी। IRGC ने कहा- कंटेनरों से दूर रहें घटना के बाद IRGC ने स्थानीय जहाजों और मछुआरों को सावधान रहने को कहा है। उसने समुद्र में तैर रहे कंटेनरों से दूर रहने की अपील की है। ये कंटेनर दूसरे जहाजों के लिए खतरा बन सकते हैं और समुद्री रास्ते पर आवाजाही में रुकावट डाल सकते हैं। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और दूसरे सामान ले जाने वाले जहाज गुजरते हैं। इस इलाके में जहाजों की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता बनी हुई है। होर्मुज में 2 जहाजों पर मंगलवार को हमला हुआ था ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा निगरानी एजेंसी UKMTO के मुताबिक, मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों पर अज्ञात चीजों से हमला हुआ। दोनों जहाजों को मामूली नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है। दोनों जहाज हमले के बाद भी अपना सफर जारी रखने में कामयाब रहे। एजेंसी ने यह नहीं बताया कि हमलों में किस चीज का इस्तेमाल किया गया था। समुद्री बारूदी सुरंग क्या होती है? समुद्री बारूदी सुरंग पानी में छिपाकर रखा गया एक तरह का बम होता है। जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी को आशंका थी कि होर्मुज में 80 से 150 तक सुरंगें बिछाई गई हो सकती हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए तय रास्तों से ईरानी सुरंगें हटा दी गई थी। जंग के बाद होर्मुज से जहाजों की आवाजाही घटी अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले शुरू करने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ईरान ने इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर पाबंदियां लगाईं हैं और कई जहाजों पर हमले भी हुए। इसके चलते कई शिपिंग कंपनियां इस रास्ते से जहाज भेजने से बच रही हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, 7 अक्टूबर को होर्मुज से सिर्फ 7 मालवाहक जहाज गुजरे थे। हालांकि, इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं हुई है। कुछ जहाज अब भी गुजर रहे हैं, लेकिन युद्ध से पहले के मुकाबले इनकी संख्या काफी कम है। ————————- यह खबर भी पढ़ें… होर्मुज के पास जहाज पर ड्रोन हमला, 2 भारतीय लापता: भारत ने हमले रोकने को कहा होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय क्रू वाले जहाज एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर रविवार को ड्रोन से हमला हुआ। जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से 9 को बचा लिया गया, जबकि 2 अब भी लापता हैं। हमले के पीछे कौन है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here