सोमवती अमावस्या और अधिक मास के पावन संयोग पर सोमवार को विदिशा के प्रसिद्ध चरण तीर्थ घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु बेतवा नदी के तट पर पहुंचे और पवित्र स्नान कर पूजा-अर्चना की। घाट पर पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और भक्ति का माहौल बना रहा। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद दान-पुण्य किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने विशेष रूप से परिवार की खुशहाली और संतान की उन्नति के लिए पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं का मानना है कि सोमवती अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी धार्मिक आस्था के चलते तड़के सुबह से ही लोगों का चरण तीर्थ घाट पहुंचना शुरू हो गया था। दो तस्वीर देखिए… भगवान श्रीराम के चरण चिह्नों से जुड़ी है मान्यता बेतवा नदी और चरण तीर्थ क्षेत्र का धार्मिक महत्व भी लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वनवास काल में भगवान श्रीराम इस क्षेत्र से होकर गुजरे थे और यहां विश्राम किया था। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि उनके चरण चिह्न आज भी यहां मौजूद हैं, जिसके कारण यह स्थान लंबे समय से श्रद्धा और विश्वास का केंद्र बना हुआ है। देर शाम तक जारी रहा श्रद्धालुओं का आना-जाना चरण तीर्थ मंदिर के पुजारियों ने बताया कि सोमवती अमावस्या पर बेतवा नदी में स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी वजह से हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार भी सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा। पूरे दिन चरण तीर्थ घाट आस्था, श्रद्धा और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा।
