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सुप्रीम-कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी:कहा- बिना बताए भारत न छोड़ें; कांग्रेस बोली- खेड़ा को डराने के लिए 60 पुलिसकर्मी भेजे गए

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी। मामला असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास 3 विदेशी पासपोर्ट और अमेरिका में 50 हजार करोड़ की कंपनी होने के आरोप से जुड़ा है। पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ये आरोप लगाए थे। इसके बाद रिनिकी भुइयां सरमा ने पवन के खिलाफ गुवाहाटी में FIR दर्ज कराई थी इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने खेड़ा के दिल्ली स्थित घर पर रेड की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा- आरोप-प्रत्यारोप राजनीति से प्रभावित लगते हैं। लेकिन पवन खेड़ा को असम पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा और वे बिना अदालत की अनुमति के भारत नहीं छोड़ सकते। कोर्ट के फैसले के बाद जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी ने इस पर कहा- 60 पुलिसवालों को खेड़ा के घर पर भेज दिया। भारी संख्या में पुलिस भेजने का कारण सिर्फ डराना और उत्पीड़न करना था। कांग्रेस बोली- ऐसी कई बातें हैं जो हम बोल नहीं सकते कोर्ट की सुनवाई खत्म होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री को तीन पन्नों में कोट किया है। ऐसी कई बातें हैं जो न न्यायालय कोट कर सकता है और न हम यहां बोल सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में असम के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि क्या एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ये शोभा देता है? हम चाहते हैं कि असम के मुख्यमंत्री इस बारे में गंभीरतापूर्वक विचार कर खेद व्यक्त करें। हिमंता ने कहा- मुझे लोकतंत्र न सिखाएं कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद असम सीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि- मुझे किसी से भी लोकतंत्र पर सबक सीखने की जरूरत नहीं है। इस केस में असली मुद्दा यह है कि एक महिला की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर उछाला गया, जिसका राजनीति से कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अदालतें जल्द ही या बाद में इस पर संज्ञान लेंगी और चुनावी परिणामों को प्रभावित करने के लिए झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वालों को सजा मिलेगी। समझिए क्या है पूरा मामला… 5 अप्रैल- खेड़ा ने 5 अप्रैल को आरोप लगाया था कि असम CM सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं और विदेश में अघोषित संपत्ति है। जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इसके बाद रिनिकी भुइयां शर्मा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। 6 अप्रैल- हिमंता ने दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा था कि हमने दुबई के उन 2 अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। 10 अप्रैल: तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की अदालत में जा सकें। असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। 17 अप्रैल: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि वे अपनी याचिका असम की अदालत में दाखिल करें। 24 अप्रैलः गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद खेड़ा फिर सुप्रीम कोर्ट गए।

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