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वन स्टॉप सेंटर प्रभारी का नोट गिनते VIDEO:महिला एवं बाल विकास विभाग के दो अधिकारियों पर आरोप, नियुक्तियों में रिश्वत का दावा

निवाड़ी जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े दो मामलों पर सवाल उठे हैं। वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी प्रशासक और जिला कार्यालय में बाबू के पद पर तैनात मनीषा झा का एक वीडियो गुरुवार को सामने आया है। इस वीडियो में वह नोट गिनते हुए दिख रही हैं। आरोप है कि यह रकम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति से जुड़ी है। वहीं, पृथ्वीपुर के महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी का भी वीडियो सामने आने का दावा किया गया है। इन दोनों मामलों को लेकर प्रशासन ने जांच की बात कही है। विभाग ने मनीषा झा को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। यह वीडियो जिला मुख्यालय स्थित वन स्टॉप सेंटर से जुड़ा है। आरोप है कि मनीषा झा सेंटर में बैठकर नोट गिन रही थीं और यह रकम नियुक्तियों के लिए ली गई थी। हालांकि, वीडियो में दिख रही रकम किस मकसद से दी या ली जा रही थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। इस पूरे मामले ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। बताया जा रहा है कि नियुक्तियों की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी। इसे लेकर आवेदिकाओं की ओर से पहले भी आपत्तियां और शिकायतें सामने आती रही हैं। अब वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और गरमा गया है। नोटिस देकर मांगा जवाब मामले को लेकर महिला एवं बाल विकास अधिकारी विकास गुप्ता ने बताया कि मनीषा झा से संबंधित वीडियो विभाग को प्राप्त हुआ था। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारी के मुताबिक नोटिस का जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं यह मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में भी होने की बात कही गई है। नशे में दिखे विभागीय अधिकारी इसी बीच पृथ्वीपुर के महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी आनंद तिवारी से जुड़ा एक और वीडियो भी सामने आया है। आरोप है कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे वह एक कमरे में नशे की हालत में लेटे हुए दिखाई दिए। हालांकि इस वीडियो में उनकी स्थिति और नशे में होने के आरोप की जांच की जा रही है। आरोप सही होने पर एक्शन होगा कलेक्टर जमुना भिड़े ने मामलों की जांच कराने की बात कही है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल विभाग की ओर से एक मामले में नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है, जबकि दोनों मामलों में जांच की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

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