उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान लगातार बारिश और हाल ही में कुछ मकानों के गिरने की घटनाओं ने नगर निगम की चिंता बढ़ा दी है। इसके मद्देनजर, अब तोड़े गए मकानों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रविवार को नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने कंठाल चौराहे से सतीगेट और छत्री चौक तक चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क चौड़ीकरण के लिए तोड़े गए मकानों की मजबूती का परीक्षण किसी अधिकृत लैब में कराया जाए। इसका उद्देश्य भवनों की वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक आकलन करना और भविष्य में किसी भी दुर्घटना को रोकना है। आयुक्त मिश्रा ने भवन अधिकारियों को उन मकानों की तत्काल जांच कराने का निर्देश दिया, जिनके सामने निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जो भवन जर्जर या गिरने की स्थिति में हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी भी दुर्घटना की आशंका न रहे। निरीक्षण के दौरान सतीगेट से खड़े हनुमान मंदिर तक मलबा हटाने और प्रीकास्ट ड्रेनेज का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जलभराव रोकने के लिए सीवर मशीनों से पानी की निकासी सुनिश्चित करने को भी कहा गया। छत्री चौक पर नाली के ऊपर किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। पानी की टंकी हटने के बाद चौराहे का निर्माण स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण एजेंसी को खुले मौसम का लाभ उठाकर छत्री चौक से सत्यनारायण मंदिर तक सड़क निर्माण और पीक्यूसी (PQC) कार्य जल्द पूरा करने को कहा गया है, ताकि सिंहस्थ-2028 से पहले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
