Homeमध्यप्रदेशसिंधिया ने सीएम से जोड़ा नया रिश्ता:'महाराज' ने मंच पर लगवा दी...

सिंधिया ने सीएम से जोड़ा नया रिश्ता:’महाराज’ ने मंच पर लगवा दी तालियों की झड़ी; कांग्रेस ने नाले की गैस से भरे सिलेंडर

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। सिंधिया ने सीएम के लिए बजवाई तालियां मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मंच से तालियां बजवाने की होड़ सी नजर आने लगी है। ताजा मामला केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का है। ग्वालियर के घाटीगांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने मंच से कई बार मुख्यमंत्री के लिए तालियां बजवाईं और उनकी जमकर तारीफ भी की। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव घाटीगांव में लाड़ली बहना योजना की राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के बीच मंच पर दिलचस्प जुगलबंदी देखने को मिली। सिंधिया ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ एक नया रिश्ता जोड़ते हुए कहा कि पुराने ग्वालियर स्टेट की धरती से हमारा मुख्यमंत्री बना है, इसलिए तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका ऐतिहासिक स्वागत होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘डबल-हैंडेड बैट्समैन’ भी बताया। एक मौके पर सिंधिया ने जोरदार तालियां बजवाने के बाद मजाकिया अंदाज में कहा कि ये तालियां यूं ही नहीं बजवाई हैं, अब हम मुख्यमंत्री से कुछ मांगेंगे। इसके बाद उन्होंने मंच से मुख्यमंत्री के सामने सात मांगें भी रखीं। सीएम डॉ. मोहन यादव से गले मिले सिंधिया इधर मुख्यमंत्री मोहन यादव भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए तालियां बजवाईं और कहा कि हमारे महाराज ने भी खूब चौके-छक्के लगाए हैं। उनकी इस बात पर मंच पर मौजूद नेताओं और दर्शकों के बीच ठहाके गूंज उठे। संबोधन खत्म होने के बाद सिंधिया अपनी सीट पर पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया। अपने भाषण के दौरान सिंधिया ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे 11 फरवरी 2024 को भगवान देवनारायण मंदिर आए थे। उन्हें यह तारीख आज भी याद है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि मेरा दिमाग हाथी जैसा है। मैं चीजें भूलता नहीं हूं। यह बात कांग्रेस भी अच्छी तरह जानती है। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस जुगलबंदी को लेकर सियासी गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। लोग अपने-अपने तरीके से इस जोड़ी को लेकर कयास लगा रहे हैं। एलपीजी संकट, सोशल मीडिया पर तंज हमारा ‘नया भारत’ कुछ ऐसा है कि कोई संकट भी आ जाए तो हम उसमें भी हंसी का मौका ढूंढ़ लेते हैं। अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान के तनाव के असर से भारत में एलपीजी की किल्लत खड़ी हो गई है। कई जगहों पर गैस सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। बुकिंग नहीं हो पा रही। एजेंसियों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। कई होटल और रेस्टॉरेंट बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं, जबकि शादी-ब्याह जैसे आयोजन भी प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन इस स्थिति पर भी सोशल मीडिया पर लोगों ने हास्य का रास्ता ही चुना है। गैस संकट को लेकर जमकर मीम्स बनाए जा रहे हैं। इन मीम्स के जरिए लोग व्यवस्था पर तंज कसते हुए अपना गुस्सा भी जाहिर कर रहे हैं। रीवा में दिव्यांग लोक कलाकार रघुवीर शरण श्रीवास्तव ने भी गैस संकट पर एक गीत गाया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बघेली में गाए इस गीत के बोल हैं- ‘सुना हो नरेंद्र, दे दा सस्ता सिलेंडर दे दा, रसोई के अंदर दे दा…’। इस गीत में ढोलक की थाप हरिशरण श्रीवास्तव ने दी है। जुगाड़ में जुटे लोग, चूल्हे और भट्ठियां सुलगाईं इधर, कामकाज न रुके, इसके लिए लोग तरह-तरह के जुगाड़ भी कर रहे हैं। कई घरों में फिर से पारंपरिक चूल्हे जलने लगे हैं। बड़े आयोजनों में भट्ठियां सुलगाई जा रही हैं, जिनमें लकड़ियां जलाकर खाना बनाया जा रहा है। रतलाम में तो एक दुकानदार ने डीजल से चलने वाली भट्‌ठी शुरू कर दी। कई लोगों ने इंडक्शन चूल्हे भी खरीद लिए हैं। ऐसे संकट के मौके विपक्ष के लिए सरकार को घेरने का मौका भी बन जाते हैं। इसे ‘आपदा में अवसर’ कहना भी गलत नहीं होगा। कांग्रेस गैस संकट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साध रही है। कांग्रेस नेताओं ने कई जगहों पर नालों में पाइप डालकर गैस को सिलेंडर में भरने का सांकेतिक प्रदर्शन किया। अब लोग मजाक-मजाक में कह रहे हैं कि भारत वाले शायद इसी तरह हंसते-गाते हर संकट को हल्का कर देते हैं। ये भी पढ़ें –
सीएम ने कांग्रेसियों को चिढ़ाया; पटवारी को कहना पड़ा- मोबाइल मत देखो, मेरा भाषण सुनो नरसिंहपुर के गाडरवाड़ा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी किसानों के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेर रहे थे। तभी मंच पर पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा भी बैठे थे और वो मोबाइल चला रहे थे। इस पर जीतू पटवारी ने उन्हें भरे मंच से ही टोकते हुए कहा कि निखरा जी, आप मोबाइल मत देखो हमारी भी बात सुनो। पूरी खबर पढ़ें

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here