बैतूल के सतलोक आश्रम में कबीर साहेब प्रकट दिवस पर आयोजित तीन दिवसीय महासमागम में समाज सेवा के कई कार्यक्रम हुए। रविवार को विशाल रक्तदान शिविर में 254 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जबकि 5850 श्रद्धालुओं ने देहदान का संकल्प लिया। आश्रम के मुख्य सेवादार विष्णु दास साहू और सहयोगी सेवादार मयंक दास व दीपक दास पंथी ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से जनकल्याण के कार्यक्रमों को धार्मिक आयोजनों में प्राथमिकता दी जाती है। इसी क्रम में रक्तदान और देहदान अभियान चलाए गए। जिला चिकित्सालय बैतूल की टीम की देखरेख में हुए रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे संत रामपाल जी महाराज की मानव सेवा को सर्वोच्च धर्म मानने की प्रेरणा से नियमित रूप से ऐसे कार्यों में भाग लेते हैं। देहदान अभियान को भी समागम में व्यापक समर्थन मिला। आश्रम प्रबंधन के अनुसार, 5850 श्रद्धालुओं ने मृत्यु के बाद अपना शरीर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए दान करने का संकल्प पत्र भरा। उनका मानना है कि इस तरह शरीर मृत्यु के उपरांत भी समाज और चिकित्सा विज्ञान के लिए उपयोगी हो सकता है। सामाजिक सुधार की दिशा में 55 जोड़ों का दहेज मुक्त सामूहिक विवाह भी इस समागम का हिस्सा रहा। ये विवाह बिना बैंड-बाजे, बारात और फिजूलखर्ची के, गुरुवाणी के माध्यम से लगभग 17 मिनट में संपन्न कराए गए। तीन दिवसीय महासमागम में अखंड पाठ, सत्संग, आध्यात्मिक प्रदर्शनी और श्रद्धालुओं के लिए चौबीसों घंटे निःशुल्क भंडारे की व्यवस्था भी की गई है। आश्रम प्रबंधन ने बताया कि 27 से 29 जून तक चलने वाले इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। महासमागम का समापन सोमवार को भोग वाणी के साथ होगा।
