मध्य प्रदेश के गुना जिले में शराब पार्टी के बाद बेटे ने अपनी मां और दो अन्य लोगों की हत्या कर दी। आरोपी को अपनी मां के अवैध संबंधों पर आपत्ति थी। जमीन को लेकर भी विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में आरोपी ने अपने मौसेरे भाई और एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों का गला घोंट दिया। जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान बदरवास निवासी विंदा बाई जाटव, कोलारस निवासी रामकिशन जाटव और म्याना निवासी 60 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा के रूप में हुई। शुरुआत में रविवार को मिले शव को ओमप्रकाश शर्मा का मान लिया गया था, लेकिन बाद में उसकी पहचान रामकिशन जाटव के रूप में हुई। मकान से बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुलाया पुलिस ने बताया कि म्याना के हनुमान मंदिर के पास एक मकान से तेज बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान बाहर से बंद था। गेट तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर एक कमरे में सड़ी-गली अवस्था में एक पुरुष का शव मिला। शव कई दिन पुराना लग रहा था। शुरुआती जांच में अनुमान लगाया गया कि मौत तीन से चार दिन पहले हुई थी। घर बाहर से बंद होने और शव की हालत को देखते हुए पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानकर जांच शुरू कर दी। सोमवार को दूसरे कमरे से मिले दो और शव ओमप्रकाश शर्मा की मौत की गुत्थी अभी सुलझ नहीं पाई थी कि सोमवार सुबह उसी परिसर के पास बने एक अन्य कमरे से दो और शव बरामद हुए। दोनों शव भी सड़ी-गली अवस्था में थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। जांच में सामने आया कि महिला का शव विंदा बाई जाटव निवासी बदरवास का है, जबकि पुरुष का शव रामकिशन जाटव निवासी कोलारस का बताया गया। यहीं से मामले में नया मोड़ आ गया। शवों की पहचान को लेकर खड़ा हुआ नया विवाद सोमवार को मिले पुरुष शव को रामकिशन जाटव बताया जा रहा था, लेकिन रामकिशन के बेटे ने इस पहचान को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पहचान करने वाले लोगों को दोबारा बुलाकर सत्यापन कराया। दोबारा पहचान के दौरान परिजनों ने सोमवार को मिले पुरुष शव की पहचान पैरों और गले में पहनी चेन के आधार पर ओमप्रकाश शर्मा के रूप में की। इससे पूरी कहानी बदल गई। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि रविवार को जिस शव को ओमप्रकाश शर्मा मानकर पहचान की गई थी और जिसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था, वह वास्तव में रामकिशन जाटव का शव था। वहीं सोमवार को महिला के साथ मिला पुरुष शव ओमप्रकाश शर्मा का निकला। इस तरह शवों की पहचान को लेकर जांच के दौरान भ्रम पैदा हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया। CCTV, साइबर और FSL की मदद से खुली गुत्थी लगातार तीन शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। गुना पुलिस ने कई टीमों का गठन किया। CCTV फुटेज खंगाले गए। साइबर टीम को सक्रिय किया गया। साथ ही फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की मदद ली गई। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल, मृतकों और संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। मां के कथित अवैध संबंधों से नाराज था बेटा गुना एसपी हितिका वासल ने सोमवार शाम मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस ट्रिपल मर्डर में मृतक विंदा बाई का बेटा सीताराम मुख्य आरोपी है। पुलिस जांच में सामने आया कि सीताराम को अपनी मां के ओमप्रकाश शर्मा के साथ कथित अवैध संबंधों पर आपत्ति थी। 18 जून को शराब पार्टी के दौरान की गई हत्या इसके अलावा जमीन को लेकर भी विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में उसने हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार 18 जून को विंदा बाई, ओमप्रकाश शर्मा और रामकिशन जाटव एक साथ मौजूद थे। इसी दौरान शराब पी जा रही थी। मौका मिलते ही सीताराम ने अपने मौसेरे भाई सुरेंद्र और एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शवों को कमरे में छोड़कर फरार हो गए। कई दिनों तक कमरे बंद रहे, जिससे शव सड़ने लगे और बदबू फैलने पर मामले का खुलासा हुआ। दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी पुलिस के मुताबिक इस वारदात में सीताराम और उसका मौसेरा भाई सुरेंद्र शामिल थे। इनके साथ एक तीसरा व्यक्ति भी था। पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी की भूमिका की पुष्टि कर ली है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
