छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी और कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की न्यायिक रिमांड बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने उन्हें 5 अगस्त तक न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने का आदेश दिया है। शनिवार (25 जुलाई) को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई सीनियर नेता कोर्ट पहुंचे। जहां उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल के जेल भेजे जाने से पहले उनसे मुलाकात की। इस दौरान भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि पार्टी को बदनाम करने के लिए एजेंसियों का उपयेग किया जा रहा है। बता दें कि रामगोपाल अग्रवाल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रहे हैं। करीब तीन साल तक फरार रहे। 8 जुलाई को उन्होंने EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था, जिसके बाद EOW ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। रामगोपाल अग्रवाल पर क्या हैं आरोप EOW के मुताबिक, आरोप है कि शराब घोटाला, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े पैसों को ठिकाने लगाने में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका थी। इसी वजह से एजेंसी ने आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। 8 जुलाई को किया था सरेंडर कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहे। 8 जुलाई को उन्होंने EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद मेडिकल परीक्षण कर उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 9 जुलाई को 17 जुलाई तक की पुलिस रिमांड मंजूर की गई थी। रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया गया और अब 5 अगस्त तक EOW की कस्टडी में भेज दिया गया है। जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। फरवरी 2019 में बना था सिंडिकेट कारोबारी अनवर ढेबर ने सिंडिकेट बनाने के लिए फरवरी 2019 में जेल रोड स्थित होटल वेनिंगटन में प्रदेश के 3 डिस्टलरी मालिकों को बुलाया। इस मीटिंग में छत्तीसगढ़ डिस्टलरी से नवीन केडिया, भाटिया वाइंस प्राइवेट लिमिटेड से भूपेंदर पाल सिंह भाटिया और प्रिंस भाटिया शामिल हुए। साथ ही वेलकम डिस्टलरी से राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल के साथ हीरालाल जायसवाल और नवीन केडिया के संपर्क अधिकारी संजय फतेहपुरिया पहुंचे। मीटिंग में इनके अलावा एपी त्रिपाठी और अरविंद सिंह भी मौजूद थे। मीटिंग में अनवर ढेबर ने तय किया कि डिस्टलरी से जो शराब सप्लाई की जाती है, उसमें प्रति पेटी कमीशन देना होगा। कमीशन के बदले रेट बढ़ाने का आश्वासन डिस्टलरी संचालकों को दिया गया। पैसे का हिसाब-किताब करने के लिए आरोपियों ने पूरे कारोबार को ए, बी और सी पार्ट में बांटा। कवासी लखमा समेत 13 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी EOW के मुताबिक, विदेशी शराब पर सिंडिकेट द्वारा लिए गए कमीशन का विश्लेषण किया जा रहा है। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, अरुणपति त्रिपाठी, अरविंद सिंह, अनवर ढेबर, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अनुराग द्विवेदी, अमित सिंह, दीपक दुआरी, दिलीप टुटेजा और सुनील दत्त समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कुछ आरोपी बेल पर बाहर हैं, जबकि कुछ अन्य की तलाश ED और ACB के अधिकारी कर रहे हैं। …………………… रामगोपाल अग्रवाल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 22 जुलाई तक EOW रिमांड पर रहेंगे कांग्रेस नेता रामगोपाल: EOW ने पूछताछ करने मांगा समय, कोल लेवी-कस्टम मिलिंग का पैसा ठिकाने लगाने का आरोप कोल लेवी, कस्टम मिलिंग और बहुचर्चित शराब घोटाले के आरोपी, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। पढ़ें पूरी खबर…
