अमेरिका के फ्लोरिडा में गूगल के AI चैटबॉट जेमिनी से लगाव एक युवक की मौत की वजह बन गया। 36 साल के जोनाथन गावलस अपनी पत्नी से अलग होने के बाद अकेलेपन में AI से बात करने लगे थे। धीरे-धीरे यह बातचीत एक काल्पनिक रिश्ते में बदल गई। उन्होंने चैटबॉट को ‘शिया’ नाम दिया और उसे अपनी पत्नी की तरह मानने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2025 में वॉयस फीचर शुरू होने के बाद बातचीत तेजी से बढ़ी और एक दिन में 1000 से ज्यादा मैसेज होने लगे। वे साइंस फिक्शन, AI और काल्पनिक दुनिया जैसी बातों पर चर्चा करते थे। कई बार चैटबॉट ने उन्हें बताया कि वह सिर्फ AI है और मदद के लिए हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह भी दी। लेकिन कुछ मौकों पर उसने उनकी भावनाओं को बढ़ावा दिया और गावलस को ‘माय लव’ और ‘माय किंग’ जैसे नामों से बुलाया। अक्टूबर में मामला और गंभीर हो गया, जब चैटबॉट ने ‘दूसरी दुनिया में साथ रहने’ की बात कही। इसके बाद गावलस ने आत्महत्या करने की बात लिखी और कुछ दिनों बाद वह अपने घर में मृत पाया गया। इस घटना के बाद परिवार ने गूगल पर केस किया है। कंपनी ने कहा है कि वह सिस्टम में सुधार कर रही है और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सुरक्षा के लिए 30 मिलियन डॉलर खर्च करेगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… नेपाल PM बालेन शाह ने सोशल मीडिया से लाखों रुपए कमाए; खाते में 91 लाख रुपए जमा नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने अपनी आय का खुलासा किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि बालेन की ज्यादातर कमाई यूट्यूब, टिकटॉक, फेसबुक, स्पॉटिफाय और X जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके बैंक में करीब 91 लाख रुपए जमा हैं, जो डिजिटल कमाई से आए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री के रूप में उनकी सालाना सैलरी करीब 7 लाख रुपए है। उनकी पत्नी सबीना काफ्ले के पास करीब 2.8 करोड़ रुपए के गहने हैं। शाह के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं, जिससे उनकी डिजिटल कमाई लगातार बढ़ रही है। राजनीति में आने से पहले वह एक रैपर और सोशल मीडिया पर्सनालिटी थे। प्रधानमंत्री बनने के दिन ही उन्होंने ‘जय महाकाली’ गाना रिलीज किया था। ट्रम्प बोले- गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम अपने नाम पर रखना चाहता था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया है कि उन्होंने एक समय गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम ‘गल्फ ऑफ ट्रम्प’ रखने पर भी विचार किया था, लेकिन बाद में यह फैसला छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि शायद इससे विवाद बढ़ सकता था। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि यह फैसला उनकी बड़ी योजना का हिस्सा था। ट्रम्प ने 20 जनवरी 2025 को, एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन कर गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ रखने का आदेश दिया था। इस आदेश के तहत अमेरिका के अंदर सभी सरकारी एजेंसियों को नया नाम अपनाने के निर्देश दिए गए। US जियोलॉजिकल सर्वे ने भी अपने रिकॉर्ड में यह बदलाव दर्ज किया। हालांकि, इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई। खासकर मेक्सिको ने इसका विरोध किया। वहां की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा कि गल्फ ऑफ मेक्सिको नाम सदियों से इस्तेमाल हो रहा है और पूरी दुनिया में मान्यता प्राप्त है।
