लुधियाना में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा के दौरान की गई कुछ टिप्पणियों पर विवाद हो गया है। पंजाब के शाही इमाम मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी और पंजाब में क्रिश्चियन यूनाइटेड फेडरेशन के प्रेजिडेंट अल्बर्ट दुआ ने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणियों पर एतराज जताया है। शाही इमाम ने मांग की है कि शास्त्री माफी मांगें, नहीं तो कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं, क्रिश्चियन फेडरेशन के प्रेजिडेंट का कहना है कि शास्त्री जी अपने इमोशन पर थोड़ा लगाम रखें। क्या करना है, इसका फैसला कल करेंगे। उन्होंने पूरी क्रिश्चियन कम्युनिटी को लुधियाना में इकट्ठा होने को कहा है। धीरेंद्र शास्त्री की लुधियाना में 5 दिवसीय श्री हनुमंत कथा चल रही है। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर दोनों धर्मों को लेकर कुछ टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि जब आप सनातन धर्म में पैदा हुए हो तो हली-उल्लाह वालों के पास जाने की जरूरत नहीं। जो अपने पड़ोसी को बाप कहते हैं, भैया को सैंया बना लेते हैं, वह किसी काम के नहीं होते। पढ़िए, धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर क्या बोले शाही इमाम… क्रिश्चियन यूनाइटेड फेडरेशन के प्रेजिडेंट ने ये बातें कहीं… धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा था, पढ़िए… धीरेंद्र शास्त्री ने लुधियाना में ये बयान भी दिए 1. पहला दिन (26 सितंबर) — पंजाब में नशा और धर्मांतरण बंद हो कथा के पहले दिन धीरेंद्र शास्त्री ने पंजाब की वर्तमान सामाजिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा- आज पंजाब की पावन धरती को नशे और धर्मांतरण की दीमक खोखला कर रही है। इसे तुरंत बंद होना चाहिए। विदेशी ताकतें और हली उल्लाह वाले लोगों को झूठे जाल में फंसा रहे हैं। 2. दूसरा दिन (27 सितंबर) — VIP एंट्री पर रोक और सामाजिक समानता कथा के दूसरे दिन उन्होंने पंडाल की अव्यवस्था और भेदभाव को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा- भगवान के दरबार में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। इस कथा में अब से किसी भी तरह की VIP एंट्री नहीं होगी। सब एक समान बैठकर कथा सुनेंगे। 3. तीसरा दिन (28 सितंबर) — धर्मांतरण कराने वालों की ठठरी बांधने आया हूं तीसरे दिन दिव्य दरबार का आयोजन हुआ, जिसमें उन्होंने धर्मांतरण कराने वाले मिशनरियों पर तीखा हमला बोला। शास्त्री ने कहा- मैं पंजाब में उन लोगों की दुकानें बंद कराने और ठठरी बांधने आया हूं जो झूठे चमत्कार दिखाकर सीधे-साधे लोगों का धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। अब सनातनियों को चुप नहीं रहना है, सबको जागना और खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा- हमारे जैसे आदमी का विवादों में आना लाजमी है, क्योंकि हम सीधी और सच्ची बात बोलते हैं। हम कुत्ते को कुत्ता जी नहीं कह सकते और नंगे को नंगा जी नहीं कह सकते। तुम लाख पहरे लगा लो हमें मिटाने के लिए, लेकिन हनुमान जी ने जिस काम के लिए भेजा है, वो करके ही जाऊंगा। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- मैं यहां कोई चमत्कार दिखाने या अपने चेले बनाने नहीं आया हूं। बाबाओं के चक्कर में पड़ने से किसी का भला नहीं होगा, भला होना है तो बजरंगबली से होगा।
