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मानसून 8 जून से अटका:लगातार तीसरे साल जून में मानसून का लंबा ब्रेक, 17 जून तक देश में 46.2mm बारिश

पश्चिमी मानसून 8 जून से अटका हुआ है। लगातार तीसरे साल जून में मानसून ने लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि, 2024 और 2025 में मानसून के शुरुआती ब्रेक के बावजूद सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। 2024 में मानसून की पश्चिमी शाखा जून के दूसरे हफ्ते में 8-9 दिनों तक धीमी रही थी। वहीं, 2025 में महाराष्ट्र तट के आसपास इसकी प्रगति करीब तीन हफ्ते रुकी रही थी। ऐसे में, बारिश कम दिनों में और ज्यादा तीव्रता से होती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। 21 से 23 जून के बीच दोबारा प्रगति संभव है। ऐसे में मानसून में 13 से 15 दिन का ब्रेक दर्ज हो सकता है। 17 जून तक देश में 46.2 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 74.3 मिमी होती है। यानी 37.8% वर्षा की कमी दर्ज की गई। बुधवार को देश का बड़ा हिस्सा बारिश के लिहाज से ‘नो वार्निंग’ श्रेणी में था। ‘अल नीनो की परिस्थितियां भी विकसित हो रही’ अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOA) की उपग्रह रिपोर्ट्स के अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन पर्याप्त गति से सक्रिय नहीं होने से मानसून की रफ्तार धीमी है। यह सामान्यतः जून के मध्य तक उत्तर की ओर बढ़कर भारत में नमी खींचता है। अल नीनो की परिस्थितियां भी विकसित हो रही हैं। इसके परिणामस्वरूप लंबे सूखे अंतराल और असमान वर्षा देखने को मिल सकती है। उपग्रह के आंकड़े पूर्वी भारत में सक्रिय गरज-चमक का संकेत देते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी भारत में बादलों का घनत्व कम है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून MP-UP समेत 6 राज्यों में प्री मानसून बारिश देश में एमपी, यूपी, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में प्री मानसून के तहत बारिश हो रही है। बिहार के मुजफ्फरपुर समेत 11 जिलों में बुधवार को तेज बारिश हुई। अररिया में तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। राजस्थान के जयपुर में बुधवार सुबह चली तेज हवा के कारण पेड़ गिर गया। इससे उसके नीचे खड़ी तीन कारें दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। उदयपुर में तेज हवा से स्वागत द्वार चार बाइक पर और एक कार पर गिर गया। जून के तीसरे सप्ताह में भी मानसून देश के बड़े हिस्से को कवर नहीं कर पाया है। 17 जून की सुबह ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के ऊपर मानसूनी बादल नहीं हैं। इन राज्यों में आसमान साफ दिख रहा है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 14 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। पिछले 7 दिन से यह तेलंगाना के भद्राचलम में अटका हुआ है। इसी वजह से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश में देरी हो गई है। देशभर में प्री-मॉनसून एक्टिव, मौसम की 2 तस्वीरें… 8 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 45°C दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी और यूपी के वाराणसी में 42.8°C, ओडिशा के बौध में 42.7°C, झारखंड के डाल्टनगंज में 42.4°C, तेलंगाना के रामागुंडम में 42°C और एमपी के खजुराहो 41.4°C रहा। अगले दो दिन के मौसम का हाल 19 जून: 20 जून: जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।

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