रीवा के जनपद पंचायत गंगेव की निर्वाचित जनपद सदस्य शारदा नामदेव के कथित अपहरण को लेकर 30 मई को पुलिस अधीक्षक कार्यालय रीवा में एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायत शारदा नामदेव के पति द्वारा दी गई है, जिसमें जनपद पंचायत गंगेव के अध्यक्ष विकास तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की शिकायत स्टाम्प पेपर पर लिखकर कलेक्टर को भी दी गई है। रविवार को महिला का पति कलेक्टर से मिला। 24 मई से लापता होने का आरोप शिकायत पत्र के अनुसार, जनपद पंचायत गंगेव के वार्ड क्रमांक 22 से निर्वाचित जनपद सदस्य शारदा नामदेव को 24 मई 2026 की सुबह करीब 9 बजे विकास तिवारी द्वारा कथित रूप से घर से जबरन ले जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद से उनकी पत्नी का कोई पता नहीं चल सका है और परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा है। मोबाइल पर भी नहीं हो रहा संपर्क आवेदन में उल्लेख किया गया है कि शारदा नामदेव का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध है, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने और उनकी पत्नी को सकुशल बरामद कराने की मांग की है। क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला यह शिकायत ऐसे समय सामने आई है, जब जनपद पंचायत गंगेव की राजनीति को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। विकास तिवारी ने आरोपों को बताया निराधार उधर, पूरे मामले में जनपद पंचायत गंगेव के अध्यक्ष विकास तिवारी ने कहा कि उन पर राजनीतिक दबाव में आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि महिला कहीं घूमने या पिकनिक पर गई हो सकती है। उनका यह भी कहना है कि महिला के पति को कुछ लोगों ने अपने प्रभाव में लेकर दबाव बनाया है और उसी के तहत उनसे यह शिकायत करवाई जा रही है।
एडिशनल एसपी संदीप मिश्राा ने बताया कि महिला के पति द्वारा शिकायती आवेदन मिला है। उसी के आधार पर जांच की जा रही है।
