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भोपाल के RGPV में पानी की किल्लत, स्टूडेंट्स का प्रदर्शन:कहा-पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं; गेट पर जमे, दो-तीन से नहाए नहीं

भोपाल के एयरपोर्ट रोड स्थित आरजीपीवी (राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) के एक हॉस्टल में पानी की किल्लत को लेकर स्टूडेंट्स नाराज हो गए। इसके चलते उन्होंने बुधवार शाम 6 बजे करीब मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर दिया। उन्होंने कहा कि यहां पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है। दो-तीन दिन से नहाए तक नहीं हैं। आरजीपीवी के चंद्रशेखर हॉस्टल के बच्चों ने मुख्य द्वार को जाम कर दिया। उनका आरोप है कि गर्मी के मौसम में हॉस्टल में पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। कई छात्र दो-तीन दिन से नहाए तक नहीं है। बिजली कटौती की दिक्कतें भी हैं। स्टूडेंट आर्यमन देशमुख का कहना है कि परीक्षा के समय में भी हॉस्टल में पानी और बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। कई बार शिकायत और विरोध के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। इससे नाराज होकर छात्रों ने मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
छात्रों ने ये भी बताया कि सिर्फ चंद्रशेखर हॉस्टल ही नहीं बल्कि बाल्की गर्ल्स हॉस्टल में भी पानी और लाइट की समस्या चल रही है। गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने भी पहले विरोध किया था, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शन की देखिए 2 तस्वीरें… गेट पर खड़े होने से गाड़ियां नहीं जा पाई शाम 4 बजे स्टूडेंट्स मुख्य गेट पर जमा हो गए थे। इस वजह से कई बसें अंदर नहीं जा पाईं। छात्रों का कहना था कि पानी की समस्या का स्थायरी हल होना चाहिए। इस संबंध में यूनिवर्सिटी प्रबंधन से चर्चा कर रहे हैं। प्रबंधन ही स्थायी हल निकाले। गर्ल्स हॉस्टल में भी परेशानी छात्रों का कहना था कि सिर्फ चंद्रशेखर हॉस्टल ही नहीं, गर्ल्स हॉस्पिटल में भी पानी और बिजली की समस्या है। गर्ल्स हॉस्टल में परेशानी को लेकर पहले शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन हल नहीं निकला। डेढ़ महीने से संकट, 250 छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित छात्रों के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद हॉस्टल में पिछले डेढ़ से दो महीने से पानी की भारी किल्लत है। यहां करीब 250 से अधिक छात्र रहते हैं, जिन्हें नहाने, शौचालय और पीने के पानी तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
प्रशासन से बार-बार शिकायत करने पर केवल टैंकर भेजने की बात कही जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। कभी-कभार देर रात टैंकर आता है और कुछ मिनट के लिए मोटर चलाकर औपचारिकता निभा दी जाती है।
2 बजे तक नहीं आया पानी, शौचालय में फंसे छात्र एक छात्र ने बताया कि एक दिन सुबह से दोपहर 2 बजे तक पानी नहीं आया, जिससे कई छात्र शौचालयों में फंसे रह गए। बाद में महज 5 मिनट के लिए पानी छोड़ा गया, जिससे किसी तरह स्थिति संभाली गई।
अन्य हॉस्टलों और विभागों में भी बदहाल व्यवस्था स्थिति केवल एक हॉस्टल तक सीमित नहीं है। अन्य हॉस्टलों में भी पीने के पानी की कमी है, जबकि कहीं-कहीं सैकड़ों छात्रों के लिए एक ही वाटर कूलर है। विश्वविद्यालय के विभागों में भी टॉयलेट और कूलर सूखे पड़े हैं, जिससे परीक्षा देने आए छात्रों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बाल्टी-डिब्बों के साथ चक्का जाम, 24 घंटे का अल्टीमेटम पानी की समस्या से त्रस्त छात्रों ने बाल्टी और डिब्बे लेकर सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। आखिरकार प्रशासन ने 24 घंटे में व्यवस्था सुधारने का लिखित आश्वासन दिया।

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