भोपाल के अचारपुरा के डोबरा रोड स्थित कुठार की चंदेरी झील में जल गंगा संवर्धन अभियान के नाम पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। आरोपों के बाद एडीएम सुमित पांडे ने जिला खनिज अधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। शिकायत में आरोप है कि झील से करीब 150 डंपर कोपरा निकालकर बिना रॉयल्टी बेचा गया। जानकारी के अनुसार, कुठार के सरपंच पति गिरजेश ने खुदाई का काम जिला खनिज अधिकारी एलएम गोयल के बेटे शुभम गोयल को सौंपा था। प्रारंभ में मिट्टी निकाली गई, लेकिन बाद में कोपरा निकाले जाने की शिकायत सामने आई है। अब यह जांच की जाएगी कि निकाला गया कोपरा कहां और किसे बेचा गया। खनिज अधिकारी को ही जांच का जिम्मा
एडीएम ने बताया कि कोपरे के उत्खनन और बिक्री की जांच के निर्देश जिला खनिज अधिकारी एमएस रावत को दिए गए हैं। जिले में पिछले एक महीने से तालाबों और नदियों के गहरीकरण का काम चल रहा है। आरोप हैं कि कई स्थानों पर अभियान की आड़ में रेत, मुरम और कोपरा निकालकर बेचा जा रहा है। कागजों में बनाईं पुलिया-सड़कें, सचिव से होगी वसूली
अर्रावती और फुल्हौर ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव राजपाल सिंह सोलंकी ने चार पुलिया, दो सीसी सड़क, श्मशान घाट सौंदर्यीकरण, चबूतरा और टीनशेड के काम सिर्फ कागजों में करा दिए। कार्यों के नाम पर 18.39 लाख निकाल लिए गए। जांच में 64 निर्माण कार्य नहीं मिले। जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने सचिव को निलंबित कर वसूली के निर्देश दिए हैं।
