प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मस्तिष्क में क्या चलता है? नरसिंहपुर की छात्रा आयुषी अहिरवार ने ‘मेरे सपनों का भारत’ की अपनी पेंटिंग में इसका जवाब देने की कोशिश की। आयुषी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मस्तिष्क को चित्रित करते हुए उसमें ब्रह्मोस, मंगल जैसे अंतरिक्ष और रक्षा तकनीक के विजन के साथ विकसित भारत की कल्पना उकेरी। टीटी नगर मॉडल स्कूल में इस पेंटिंग को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खासे प्रभावित हुए। उन्होंने अपने भाषण में आयुषी की कल्पनाशीलता का जिक्र किया और उसे सम्मानित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के सपने बता रहे हैं कि आने वाला भारत आज के भारत से बेहतर होगा और अमृतकाल की युवा पीढ़ी भारत को दुनिया का नंबर-1 देश बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी। सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत मंगलवार को भोपाल के टीटी नगर मॉडल स्कूल में ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। प्रदेश के 42 हजार से अधिक स्कूलों के कक्षा 6 से 12वीं तक के करीब 50 लाख विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। सरकार के अनुसार प्रदेश के 60 हजार से अधिक शासकीय-अशासकीय विद्यालय इस व्यापक अभियान से जुड़े। आयुषी की पेंटिंग में दिखा- मोदी के दिमाग में क्या? मुख्यमंत्री ने बच्चों की चित्रकला की तारीफ करते हुए कहा कि चित्र केवल रंगों का संयोजन नहीं, बल्कि मन के भावों को बाहर लाने की कला है। आयुषी की पेंटिंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चे ने प्रधानमंत्री मोदी के चित्र के साथ मंगल और गगनयान जैसे अभियानों की कल्पना की है। उनके मुताबिक यह बताता है कि नई पीढ़ी भारत को अब केवल जमीन तक सीमित नहीं देखती, बल्कि आकाश की छलांग लगाने वाले देश के रूप में देख रही है। मुख्यमंत्री ने बच्चों की भाषण प्रतिभा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बेटियां पांच से आठ मिनट तक पूरे आत्मविश्वास के साथ भारत के भविष्य पर बोल रही हैं। उन्होंने इसके लिए विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी। CM बोले- चीन और रूस के बीच भारत की तस्वीर बदलते दौर का संकेत डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे केवल राजनीतिक सफर के रूप में नहीं, बल्कि ‘सेवा संकल्प’ के रूप में समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति बदल रही है। चीन के राष्ट्रपति एक ओर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दूसरी ओर और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीच में दिखाई देने वाली तस्वीर बदलते दौर के भारत की तस्वीर है। मुख्यमंत्री ने भारत की डिजिटल व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रणाली का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल लेन-देन में दुनिया में अग्रणी है और बड़े से बड़े कठिन फैसलों को लागू करने की क्षमता रखता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास को विरासत से जोड़ने और नए संसद भवन का उदाहरण भी दिया। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत की चुनाव प्रणाली की सराहना किए जाने का भी उल्लेख किया और इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए गर्व का विषय बताया। ‘सेवा’ का मतलब केवल कार्यक्रम नहीं, रोजमर्रा के संस्कार भी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को याद करने का सबसे अच्छा तरीका सेवा के संकल्प को अपने जीवन में उतारना है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण, जरूरतमंदों की मदद, माता-पिता और शिक्षकों के सम्मान को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए सुशासन और ईमानदारी के प्रति प्रतिबद्ध रहना भी सेवा का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने डीबीटी का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों के हक की राशि सीधे उनके बैंक खातों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी इसी भावना के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है। दो साल में जर्जर और भवनविहीन स्कूलों के भवन पूरे करने का संकल्प मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि सरकार केवल बच्चों को सुविधाएं देने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूलों की आधारभूत व्यवस्था भी बदली जा रही है। शिक्षकों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से लंबित पदोन्नतियों को आगे बढ़ाया गया है और नई शिक्षक भर्तियां भी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के साथ खड़ी है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आगे भी काम करेगी। 21 साल बाद परिवहन निगम की बस सेवा, स्कूलों में भी बसों का इंतजाम मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 21 वर्ष बाद प्रदेश में राज्य परिवहन निगम की बस सेवा फिर शुरू की गई है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों के आवागमन के लिए भी बसें संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश और विकास के काम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मध्यप्रदेश देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में है और प्रदेश अपनी क्षमता तथा योग्यता के दम पर आगे बढ़ रहा है। 2027 होगा युवा वर्ष, 12 विश्वविद्यालय और 12 मेडिकल कॉलेज का ऐलान मुख्यमंत्री ने कहा कि 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है और 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। युवा वर्ष में युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने का रोडमैप भी उन्होंने सामने रखा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 12 नए विश्वविद्यालय और 12 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा। विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर जोर रहेगा, जबकि मेडिकल कॉलेजों के विस्तार के जरिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को जिलों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्यादा अवसर देने के लिए एक वर्ष में नियमित MPPSC के साथ एक विशेष MPPSC परीक्षा आयोजित की जाएगी। युवाओं से युवा वर्ष के लिए सुझाव भी लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2047 तक यही युवा पीढ़ी विकसित भारत के सपने को साकार करेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री बोले- 42 हजार स्कूलों में हुई प्रतियोगिता स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिला, विकासखंड और राज्य स्तर पर हुई प्रतियोगिताओं में 42 हजार से अधिक विद्यालयों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि कक्षा 6 से 12वीं तक के 50 लाख से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह दिखाया कि बच्चों के मन में विकसित भारत को लेकर किस तरह की कल्पनाएं हैं। दूरस्थ अंचलों के स्कूलों से लेकर राजधानी के मॉडल स्कूल तक विद्यार्थियों ने अपने विचार चित्रों और भाषणों के जरिए सामने रखे। राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चों की भाषण कला देखकर वे खुद प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि आज बच्चे पूरे आत्मविश्वास के साथ भारत के भविष्य पर कई मिनट तक बोल रहे हैं, जबकि पहले सरकारी स्कूलों के बच्चों में मंच पर बोलने को लेकर झिझक ज्यादा दिखाई देती थी। भाषण में श्रीजी ने कहा- हर बच्चे को सपने देखने का हक मिले भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाली अशोकनगर की श्रीजी मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि उनके सपनों का भारत केवल ऊंची इमारतों वाला देश नहीं होगा। वह ऐसा भारत चाहती हैं, जहां हर बच्चा सपने देखने की हिम्मत करे और उन्हें पूरा करने का अवसर भी मिले। उन्होंने कहा कि बच्चे की पहचान उसके गांव, शहर या परिवार से नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा और मेहनत से होनी चाहिए। श्रीजी मिश्रा मुंगावली के सेंट मीरा कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा 7वीं की छात्रा हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में भोपाल के प्रभारी मंत्री चेतन कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
