इंदौर में बाबा रामदेव और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहा विवाद खत्म हो गया है। पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में दायर 50 करोड़ रुपए की मानहानि याचिका वापस ले ली है। मंगलवार को जस्टिस संदीप एन. भट्ट की बेंच में हुई सुनवाई के दौरान कंपनी ने केस वापस लेने की अनुमति मांगी। दोनों पक्षों के बीच समझौते की जानकारी कोर्ट को दी गई। इसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए मामले का निराकरण कर दिया। 2022 में पतंजलि के घी को लेकर दिया था बयान यह विवाद बृजभूषण शरण सिंह के 2022 में दिए एक बयान से शुरू हुआ था। उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उसे नकली बताया था। इसके बाद पतंजलि फूड्स ने आरोप लगाया था कि बयान से कंपनी की ब्रांड छवि को नुकसान पहुंचा और कारोबार प्रभावित हुआ। कंपनी ने यह भी दावा किया था कि बयान के बाद उसके शेयर मूल्य पर असर पड़ा और उसे आर्थिक नुकसान हुआ। इसी आधार पर पतंजलि ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपए के हर्जाने का दावा किया था। इंदौर में ही क्यों दायर हुआ था केस पतंजलि फूड्स का कार्यालय इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में स्थित है। इसी आधार पर कंपनी ने मानहानि का मामला इंदौर में दायर किया था। मामला पहले जिला अदालत में चला और बाद में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से जुड़े विवाद के बीच हाई कोर्ट पहुंचा। 2022 में पतंजलि के घी को लेकर दिया था बयान विवाद बृजभूषण शरण सिंह के 2022 में दिए एक बयान से शुरू हुआ था। उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उसे नकली बताया था। कंपनी ने आरोप लगाया था कि बयान से उसकी ब्रांड छवि और कारोबार प्रभावित हुआ। कंपनी ने शेयर मूल्य पर असर पड़ने और आर्थिक नुकसान का भी दावा किया था। इसी आधार पर 50 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की गई थी। सितंबर में दोनों पक्षों में बनी सहमति दोनों पक्षों के बीच सितंबर के अंत में विवाद खत्म करने पर सहमति बनी थी। बाबा रामदेव ने भी बाद में कहा था कि बृजभूषण से बातचीत के बाद गलतफहमियां दूर हो गई हैं और विवाद खत्म करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद मंगलवार को पतंजलि ने हाई कोर्ट में औपचारिक रूप से याचिका वापस ले ली।
