Homeविदेशभारत नेपाल को रोज 18 घंटे 654 MW बिजली देगा:यह 28 लाख...

भारत नेपाल को रोज 18 घंटे 654 MW बिजली देगा:यह 28 लाख घरों की जरूरत के बराबर; बाढ़ से नेपाल में बिजली उत्पादन घटा

भारत ने नेपाल को 654 मेगावाट बिजली देने की मंजूरी दी है। भारत के बिजली मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2026 तक रोज 18 घंटे, यानी रात 12 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली निर्यात करने की मंजूरी दी है। इतनी बिजली लगातार मिलने पर लगभग 28 लाख घरों की सालभर की बिजली जरूरत पूरी हो सकती है। दरअसल, हाल ही में आई बाढ़ से नेपाल के हाइड्रोपावर ढांचे को काफी नुकसान हुआ है। इससे वहां बिजली उत्पादन की क्षमता घट गई है और नेपाल को अतिरिक्त बिजली की जरूरत पैदा हुई है। नेपाल अपनी 95% से ज्यादा बिजली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से बनाता है। बाढ़ के कारण कम से कम 12 प्रोजेक्ट को नुकसान हुआ है। इनमें अपर त्रिशूली, चिलिमे और रसुवागढ़ी जैसे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
नेपाल ने साल 2023-24 में भारत को ज्यादा बिजली बेची थी भारत इससे पहले भी नेपाल को बिजली देता रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 में भारत ने नेपाल को करीब 1810 मिलियन यूनिट बिजली दी थी। यह औसतन करीब 206 MW लगातार बिजली के बराबर बैठती है। हालांकि नेपाल सर्दियों के मौसम में भारत से बिजली आयात करता है, लेकिन मानसून के महीनों में वह भारत को भारी मात्रा में बिजली बेचता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नेपाल की बिजली उत्पादन क्षमता पानी पर निर्भर है। वर्ष 2023-24 में नेपाल ने भारत से जितनी बिजली खरीदी, उससे ज्यादा मूल्य की बिजली भारत को बेची थी। लेकिन 26 अगस्त को आई बाढ़ की वजह से नेपाल कम बिजली बना रहा है, जिसके चलते उसकी भारत पर निर्भरता बढ़ी है। भारत ने अब तक नेपाल को 8 राहत खेप भेजी बिजली सेक्टर को लगभग 9,500 करोड़ रूपए का नुकसान नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से ऊर्जा सेक्टर को करीब 9,500 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ। इससे हर साल करीब 2,520 GWh बिजली उत्पादन प्रभावित होने का अनुमान है। नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से कुल नुकसान करीब 25 हजार करोड़ रूपए का हुआ है। सबसे ज्यादा करीब 65% नुकसान इंफ्रास्ट्रक्चर को पहुंचा है। करीब 69 किमी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिन्हें ठीक करने में लगभग 3,488 करोड़ रूपए लगने का अनुमान है। बाढ़ ने 37 पुलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया था और कुल 10,671 मीटर लंबे 68 पुलों को नुकसान पहुंचाया था। ——————– यह खबर भी पढ़ें… लंदन में पहली बार गंगा आरती, हजारों लोग शामिल हुए:थेम्स नदी के किनारे वाराणसी घाटों जैसी झलक लंदन में रविवार को पहली बार थेम्स नदी के किनारे गंगा आरती का आयोजन हुआ। इस आरती में हजारों लोग शामिल हुए थे। पूरी खबर पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here