मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। भाजपा विधायक के निशाने पर सिंधिया समर्थक मंत्री
गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाने वाले दो मंत्रियों पर खुलकर निशाना साधा। एक मंत्री को तो उन्होंने ‘नाकारा’ तक कह दिया और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की पैरवी भी कर डाली। खराब बिजली व्यवस्था की शिकायत लेकर भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंचे थे। यहां वे ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर उखड़ गए। उन्होंने कहा- ऊर्जा मंत्री इतने ज्ञानी हैं कि मंच पर दंडवत हो जाते हैं, कभी बिजली के पोल पर चढ़ जाते हैं, कभी नाली में उतर जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे जनसेवक नहीं चाहिए, ऐसे चाहिए जो प्रामाणिकता के साथ काम करें। शाक्य ने आगे कहा कि यदि कोई मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश करेगा, तो वे खुद भोपाल जाकर मुख्यमंत्री से अनुरोध करेंगे कि ऐसे नाकारा मंत्रियों को हटा दिया जाए। पन्नालाल शाक्य यहीं नहीं रुके। उन्होंने गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को लेकर भी नाराजगी जताई। शाक्य ने कहा- प्रभारी मंत्री तो महाराजा से भी बड़े हो गए हैं। वे किसी को महाराजा के साथ चलने ही नहीं देते। हवाई पट्टी पर उन्होंने मुझे ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास से हटा दिया था। खरी बात ये है कि लगता है मूल भाजपा और महाराज भाजपा में अब तक पटरी नहीं बैठी है। सत्ताधारी भाजपा में भी ‘ऑल इज वेल’ जैसी स्थिति तो नहीं है। पार्टी में अंदरूनी तौर पर खटपट तो मची है। गंदगी देखकर भड़क गए भाजपा विधायक, कचरे में बैठे
भाजपा सरकार स्वच्छता अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन विदिशा जिले के सिरोंज में हालात ऐसे दिखे कि भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा को ही कचरे के ढेर पर बैठकर विरोध जताना पड़ गया। उमाकांत शर्मा सिरोंज की नई सब्जी मंडी पहुंचे थे। यहां फैली गंदगी, बजबजाती नालियों और अव्यवस्थाओं को देखकर वे नाराज हो गए। विरोध दर्ज कराने के लिए वे नाले के पास पड़े कचरे के ढेर पर ही बैठ गए। वहीं से उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, नगरपालिका अमले और पुलिस को मौके पर बुलाया। अधिकारियों के पहुंचने के बाद विधायक उन्हें अपने साथ मंडी में घुमाते रहे और जगह-जगह फैली गंदगी, कचरे के ढेर और खराब सफाई व्यवस्था दिखाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द व्यवस्थाएं सुधारने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक का ये वीडियो सामने आने के बाद लोग चुटकी भी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि अधिकारी अनकंट्रोल हो गए हैं, सुन नहीं रहे हैं, इसलिए भाजपा के राज में भाजपा के विधायक को कचरे में बैठकर धरना देना पड़ा। कांग्रेस विधायक की ऊंट की सवारी, गड़रियों से की चर्चा
उज्जैन जिले की तराना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक महेश परमार का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। विधायक ने ऊंट की सवारी की। दरअसल, महेश परमार राजस्थान से भेड़ चराने आए गड़रिया समुदाय के लोगों के बीच पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने गड़रियों से बातचीत की, उनके साथ समय बिताया और चाय का आनंद भी लिया। विधायक ने इस पूरे दौरे का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि शायद कांग्रेस विधायक ने भी पेट्रोल-डीजल की बचत का रास्ता खोज लिया है, इसलिए उन्होंने ऊंट की सवारी चुन ली। वहीं कुछ लोग मशहूर कहावत ‘अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे’ को नया रूप देते हुए कह रहे हैं- ‘अब आया ऊंट विधायक के नीचे।’ एनएसयूआई के मंच पर बन गया अफरा-तफरी का माहौल
भोपाल में एनएसयूआई ने पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मंच पर ऐसे हालात बने कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंच पर आने से ही इनकार कर दिया। बाद में जब वे संबोधन के लिए पहुंचे तो उन्होंने मंच से ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को टोक दिया। दरअसल, मंच पर नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ चढ़ गई थी। हालात संभालने के लिए जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल को मशक्कत करनी पड़ी। दोनों नेताओं ने समझाइश देखकर एनएसयूआई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मंच उतारा। इसके बाद दिग्विजय सिंह को सम्मानपूर्वक मंच पर आमंत्रित किया गया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने की बात कही। दिग्विजय सिंह ने मंच से कार्यकर्ताओं से पूछा कि क्या वे इस मांग से सहमत हैं। हालांकि, उनके सवाल पर कार्यकर्ताओं की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली और ज्यादातर लोगों ने हाथ नहीं उठाए। इस पर दिग्विजय सिंह ने जीतू पटवारी को टोक दिया। कहा कि अध्यक्ष जी आपके कार्यकर्ताओं का यह कैसा जोश है, हाथ ही नहीं खड़े कर रहे हैं। इसके बाद जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं से हाथ उठाने का आग्रह किया, जिस पर सभा में मौजूद लोगों ने समर्थन जताया। कार्यक्रम के बाद एनएसयूआई के नेता और कार्यकर्ता जोश के साथ मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकले। हालांकि, रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछारों के साथ ही प्रदर्शनकारियों का जोश ठंडा पड़ गया। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), आशीष रघुवंशी (गुना), लक्ष्मण कटियार (सिरोंज) ये भी पढ़ें –
धीरेंद्र शास्त्री बोले- नेताओं की सैलरी काटो, चार्टर्ड विमान रोको: दिग्विजय ने कहा- हमारी कुंडली बना दो पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने देश के हालात पर खरी-खरी बात कह डाली। पेट्रोल-डीजल बचाने से लेकर रुपया मजबूत करने तक, उन्होंने अपने अंदाज में नेताओं पर भी तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता से तो कहा गया कि डीजल-पेट्रोल कम जलाएं। काश, नेताओं के चार्टर्ड विमानों पर भी रोक लगाई जाती। उन्होंने तो नेताओं की सैलरी कट करने की भी बात कर दी। पूरी खबर पढ़ें
