मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मंत्री ने खेत में हल चलाकर बनाई रील
बड़वानी दौरे पर मंत्री गौतम टेटवाल किसान के रोल में आ गए। उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और सड़क किनारे के एक खेत में उतर गए। इसके बाद कैमरे चालू कराकर उन्होंने रील बनाई। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसका लाइव भी किया। लेकिन मंत्री उस समय लड़खड़ा गए, जब बैलों के जोड़े ने मंत्री से ज्यादा फुर्ती दिखा दी। दरअसल, बैल तेज चलने लगे और मंत्री जी उनके पीछे-पीछे खिंचते चले गए। इस दौरान उनके पैर लड़खड़ाए भी। अब उनके वीडियो पर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। कोई कह रहा है कि इस तरह की रीलबाजी छोड़कर किसानों को खाद और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। कुछ यूजर्स ने मंत्री की इस रील को कोरी नौटंकी बताया है। बता दें कि गौतम टेटवाल वही मंत्री हैं, जो हाल ही में भरे मंच पर सीएम डॉ. मोहन यादव की जमकर तारीफ करने पर चर्चा में आ गए थे। अब उनके इस स्टंट को भी सुर्खियां बटोरने के पैंतरे के रूप में देखा जा रहा है। विधायक ने कार्यकर्ता के गुलदस्ते फेंके
भोपाल में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उनके समर्थक उन्हें जन्मदिन की बधाई देते दिख रहे हैं। लेकिन विधायक के सम्मान और बधाई के लिए जो गुलदस्ते उन्हें सौंपे जा रहे हैं, विधायक उन्हें लेकर फेंकते जा रहे हैं। रामेश्वर शर्मा अपने इस व्यवहार के लिए सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गए हैं। वे जमकर ट्रोल हो रहे हैं। यूजर्स कह रहे हैं कि विधायक को सभी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि यह सब सामान्य है। इतने लोग बधाई देने आ रहे हैं, सभी के गुलदस्ते कैसे संभाले जा सकते हैं। वीआईपी कल्चर के खिलाफ दिखा गुस्सा
वैसे तो नेता लोग अक्सर अपने भाषणों में कहते हैं कि जनता ही उनकी भगवान है और वे जनता के सेवक हैं। लेकिन कई मौकों पर इन सेवकों की वजह से भगवान, मतलब जनता, परेशानी में आ जाती है। ग्वालियर में कुछ ऐसा ही हुआ। यहां नेताओं के वीआईपी कल्चर के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिला। एक युवक ने इस घटना का वीडियो बनाया है। हुआ यूं कि एक चौराहे से सीएम डॉ. मोहन यादव का काफिला गुजरना था। इसके लिए पुलिस ने सुरक्षा कारणों से ट्रैफिक रोक दिया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे परेशान लोगों ने अपने वाहनों के हॉर्न बजाने शुरू कर दिए। इसी दौरान एक युवक ने वीडियो बनाते हुए बताया कि सीएम का काफिला निकालने के लिए उन्हें रोका जा रहा है, जबकि उन्हें बहुत जरूरी काम है। इस दौरान आक्रोशित लोगों की वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से बहस भी हुई। और अब अंदर की बात.. तबादले के लिए चक्कर काट रहे अधिकारी
राज्य प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी के पास अभी कोई काम नहीं है। वे अपनी सीट छोड़कर मंत्रालय के चक्कर काट रहे हैं। दरअसल, वे अपना तबादला करवाना चाहते हैं, लेकिन यह हो नहीं रहा है। हुआ यूं कि सरकार के सबसे करीबी अधिकारी राज्य प्रशासनिक सेवा के इस अधिकारी को पड़ोस के जिले से राजधानी लेकर आए थे। इन्हें सरकार की छवि चमकाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जब इन्हें पदस्थ किया गया, तब इनका विरोध भी हुआ था। अब जबकि इन्हें यहां लाने वाले अफसर हट गए हैं, तो ये भी बेकाम हो गए हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों की दो तबादला सूचियां निकल चुकी हैं, लेकिन इनमें इनका कहीं नाम नहीं है। जो इन्हें लेकर आए थे, वे इस समय मलाईदार पद पर बैठे हैं, लेकिन इनकी मदद नहीं कर पा रहे हैं। इनपुट सहयोग – माखन विजयवर्गीय (सारंगपुर), विजय सिंह बघेल (भोपाल) ये भी पढ़ें –
मंत्री ने सुनाई बचपन की ‘खुले में शौच’ की कहानी: सिंधिया की बातों में सीएम को दिखा ‘मक्खन’ अपने बयानों की वजह से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले कैबिनेट मंत्री विजय शाह इस बार अपने भाषण देने के अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। एक कार्यक्रम में उन्होंने ‘खुले में शौच’ की कहानी बताकर कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके लिए वे लोगों को 15-20 साल पीछे ले गए, जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे। पूरी खबर पढ़ें
