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फायर एग्जिट नहीं, दुर्ग में 4 कोचिंग सेंटर सील:62 को नोटिस, लखनऊ अग्निकांड के बाद एक्शन, रायपुर-बिलासपुर में भी जांच

लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद, छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर में कोचिंग सेंटर्स की जांच की गई। इस दौरान सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी सामने आने पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार की रात SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। इस दौरान इमरजेंसी एग्जिट (निकास द्वार) और जरूरी सुरक्षा इंतजाम न होने पर 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया गया है। इन्हें व्यवस्था सुधारने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। वहीं, गंभीर लापरवाही पाए जाने पर रामा कोचिंग, कैड एकेडमी मोशन, मोशन कोटा स्टडी सर्किल और वेदांतु को सील कर दिया गया है। वहीं बीजेपी के नेता ने कार्रवाई का विरोध किया है। दूसरी ओर, बिलासपुर में भी पुलिस, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीम ने 6 कोचिंग सेंटरों की जांच की। इनमें से 5 सेंटरों में बिल्डिंग परमिशन (भवन अनुमति), इमरजेंसी एग्जिट और फायर फाइटिंग इक्विपमेंट (आग बुझाने के उपकरण) जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली। इस कार्रवाई के तहत नियमों का सबसे ज्यादा उल्लंघन करने वाली उड़ान एकेडमी को फौरन सील कर दिया गया, जबकि बाकी 5 सेंटरों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। रायपुर में भी 23-24 जून को 7 प्रमुख कोचिंग सेंटरों की जांच की गई, जिसमें अनअकैडमी, विद्यापीठ और एलन में इंतजाम सही मिले। वहीं अकादजा, आरसीसी एकेडमी, आभा लाइब्रेरी और टुटेजा एकेडमी में फायर एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट जैसी गंभीर कमियां मिलने पर उन्हें नोटिस जारी कर 7 दिनों में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। दुर्ग में करीब 200 कोचिंग सेंटर चलने का अनुमान दुर्ग जिले में करीब 150 से 200 कोचिंग सेंटर्स और ट्यूटोरियल संस्थान संचालित होते हैं। इनमें सबसे ज्यादा कोचिंग सेंटर भिलाई के न्यू सिविक सेंटर इलाके में हैं। यहां 100 से अधिक कोचिंग सेंटर्स संचालित होने की जानकारी सामने आई है। बुधवार को एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने करीब 2 घंटे तक कोचिंग सेंटर्स का इंस्पेक्शन किया। जांच में एक भी ऐसा कोचिंग सेंटर नहीं मिला, जहां सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा हो। ज्यादातर सेंटर्स में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। फायर एक्स्टिंग्विशर एक्सपायर मिले कहीं फायर एक्स्टिंग्विशर एक्सपायर मिले तो कहीं उन्हें सही तरीके से लगाया ही नहीं गया था। टीम ने कोचिंग सेंटर्स में इमरजेंसी एग्जिट की भी जांच की, लेकिन किसी भी संस्थान में बाहर निकलने का दूसरा रास्ता नहीं मिला। कई जगह बिल्डिंग के भीतर आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था। पतली गली में बनी सीढ़ियां, इमरजेंसी में कूदना ही ऑप्शन इसके अलावा कुछ सेंटर्स में स्टूडेंट्स की संख्या के मुकाबले जगह भी बेहद कम पाई गईं। कई ऐसे कोचिंग भी मिले जहां इतनी पतली सीढ़ियां बनी थी कि वहां से एक बार में एक ही स्टूडेंट्स चढ़ सकता है। अगर कभी इस तरह की अनहोनी यहां होती है तो छात्रों को उंची बिल्डिंग से कूदना ही एकमात्र विकल्प बचेगा। मौके पर जारी किया नोटिस इंस्पेक्शन के दौरान एसडीआरएफ की टीम ने 62 कोचिंग संचालकों को मौके पर ही नोटिस जारी किया। उन्हें सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समय में व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो कार्रवाई की जाएगी। इन सेंटर्स को दिया गया नोटिस वेदांतु कोचिंग सेंटर, एबीएस फाउंडेशन, नीट-जेईई मास्टर, टाइम, लीगल एज, गोल, द इंग्लिश, कैड एकेडमी ग्रुप, केसीएस, रामा कोचिंग, मोशन, फ्लुएंसी, करियर नॉलेज सेंटर, कोटा स्टडी सर्किल, इम्पैक्ट स्टडी जोन, एस-टू-एस और लॉ प्रेप ट्यूटोरियल सहित न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में संचालित ज्यादातर कोचिंग सेंटर्स को नोटिस दिया गया है। बिलासपुर में भी कोचिंग सेंटर्स की जांच बिलासपुर में पुलिस, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीम ने 6 कोचिंग सेंटरों की जांच की। इनमें से 5 सेंटरों में बिल्डिंग परमिशन (भवन अनुमति), इमरजेंसी एग्जिट (निकास द्वार) और फायर फाइटिंग इक्विपमेंट (आग बुझाने के उपकरण) जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली। इस कार्रवाई के तहत केवल उड़ान एकेडमी को फौरन सील कर दिया गया, क्योंकि वहां फायर सेफ्टी और बिल्डिंग नियमों का सबसे ज्यादा उल्लंघन पाया गया था। वहीं, बाकी 5 सेंटरों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। शहर में इस समय करीब 80 कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, जहां छात्रों की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। इन संस्थानों की हुई जांच, कई खामियां मिलीं नगर निगम की टीम ने शहर के छह कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इनमें उड़ान आईएएस, चंद्रा एकेडमी, आचार्य एकेडमी, ऑक्सीडेशन कोचिंग, प्रीमियर एकेडमी और पटेल ट्यूटोरियल शामिल हैं। इस दौरान बिल्डिंग परमिशन, इमरजेंसी इमरजेंसी एग्जिट, फायर फाइटिंग इक्विपमेंट और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई। जिन संस्थानों में कमियां पाई गईं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। जानिए, कहां-कहां मिलीं कमियां उड़ान आईएएस में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही गेट मिला। संस्थान में फायर सेफ्टी सिस्टम और लिफ्ट की व्यवस्था नहीं थी। चार मंजिला भवन के अनुपात में पार्किंग की भी पर्याप्त सुविधा नहीं पाई गई। वहीं करीब 700 विद्यार्थियों के हिसाब से भवन में पर्याप्त जगह का अभाव था। इन गंभीर खामियों को देखते हुए नगर निगम ने संस्थान को सील कर दिया। वहीं चंद्रा एकेडमी, आचार्य एकेडमी, ऑक्सीडेशन कोचिंग, प्रीमियर एकेडमी और पटेल ट्यूटोरियल समेत अन्य संस्थानों में भी कई कमियां मिलीं। किसी संस्थान के पास आवश्यक लाइसेंस नहीं था तो कहीं फायर सेफ्टी सिस्टम का अभाव पाया गया। जांच में पता चला कि कई जगह फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं थे। वहीं कुछ संस्थानों के पास बिल्डिंग की परमिशन (भवन अनुज्ञा) और दूसरे जरूरी कागज भी सही नहीं मिले। इस पर सभी संस्थानों को नोटिस देकर कमियां सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। जांच टीम ने साफ किया है कि तय समय में कमियां दूर नहीं करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई होगी। शहर में बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में पढ़ाई करते हैं, इसलिए सुरक्षा नियमों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। रायपुर में दो दिन जांच (23-24 जून) कहां सब ठीक रहा अनअकैडमी, विद्यापीठ और एलन में अधिकांश आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सही पाए गए। (इन्हें केवल वेंटिलेशन और क्षमता के अनुसार सुधार के सुझाव दिए गए हैं)। कहां मिलीं गंभीर खामियां अकादजा, आरसीसी एकेडमी, आभा लाइब्रेरी और टुटेजा एकेडमी में सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी मिली। क्या कमियां पाई गईं? इन सेंटर्स में फायर एनओसी (NOC), इमरजेंसी एग्जिट (निकास द्वार), वेंटिलेशन और बिजली सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजाम गायब थे। क्या कार्रवाई हुई? गंभीर कमियों वाले इन सभी 4 संस्थानों को नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया गया है। …………………….. एजुकेशन से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायपुर की 10वीं क्लास की महिमा बनाएगी सैटेलाइट: अंतरराष्ट्रीय स्पेस-मिशन ‘ShaktiSAT’ के लिए सिलेक्ट, 108 देशों के स्टूडेंट्स शामिल होंगे, बोलीं- प्राउड मोमेंट रायपुर के तिलक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल की 10वीं की छात्रा महिमा राजपूत का चयन अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन ‘ShaktiSAT’ के लिए हुआ है। वह देश भर से आए आवेदनों के बीच कई चरणों की ऑनलाइन चयन प्रक्रिया को पार कर नेशनल फाइनलिस्ट बनी हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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