मध्य प्रदेश पुलिस के राज्य स्तरीय साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान “SAFE CLICK-2026 2.0” के तहत पन्ना जिले में एक विशेष मुहिम चलाई गई। रविवार को पुलिस अधीक्षक (SP) श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देश पर जिले के सभी थानों के अंतर्गत “साइबर चौपाल” का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को डिजिटल ठगी से बचने के तरीके सिखाना था। इन चौपालों में ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, पंच, महिलाएं, युवा और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरल भाषा में समझाया कि आजकल के डिजिटल ठग किस तरह जाल बिछाते हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है। ग्रामीणों को फर्जी कॉल से बचने की सलाह पुलिस ने ग्रामीणों को फर्जी कॉल और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्हें बताया गया कि पुलिस या किसी एजेंसी का डर दिखाकर पैसे ऐंठने वालों से डरने की जरूरत नहीं है। साथ ही, बैंक KYC और OTP फ्रॉड से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक पासवर्ड, UPI पिन, CVV या OTP कभी न बताएं। लोन देने वाले ऐप्स से दूर रहने की सलाह इसके अतिरिक्त, कम समय में पैसा दोगुना करने या बिना कागजात के तुरंत लोन देने वाले ऐप्स से दूर रहने को कहा गया। मोबाइल पर आने वाले अनजान और लुभावने लिंक्स (जैसे लॉटरी या मुफ्त रिचार्ज) पर क्लिक न करने की चेतावनी दी गई। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी QR कोड स्कैन या पिन डालने की आवश्यकता नहीं होती है। ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई पुलिस ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि यदि कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा, www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय रहते सूचना देने पर ठगी गई रकम के वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई और जागरूकता पेम्फलेट बांटे गए। पन्ना पुलिस ने इस अवसर पर “जागरूक ग्राम सुरक्षित ग्राम, सतर्क नागरिक – सुरक्षित समाज” का नारा दिया। तस्वीरे देखिए…
