इंदौर में जावेद घर से निकला तो पत्नी से कहा था कि काम की तलाश में जा रहा है। रात को फोन पर बात हुई तो बताया कि सब्जी लेकर घर लौट रहा है। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिवार ने तलाश की, पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। पांच दिन बाद पत्थरों के नीचे उसका शव मिला। गर्दन पर धारदार हथियार के निशान थे। पुलिस को दो युवकों पर शक था। एक ऑटो से जावेद का मोबाइल और खून के धब्बे मिले। मामला हत्या का लग रहा था, लेकिन तभी एक होटल के CCTV फुटेज ने जांच की दिशा बदल दी। फुटेज में जावेद की पत्नी रुखसाना एक युवक के साथ दिखाई दी। यह मुलाकात जावेद की गुमशुदगी से ठीक पहले हुई थी। आखिर जावेद की हत्या क्यों हुई? और इस कत्ल के पीछे कौन था? मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज यही कहानी… इंदौर में रहने वाले जावेद के पास कई दिनों से कोई काम नहीं था। 21 अप्रैल 2023 को वह पत्नी रुखसाना को बताकर घर से निकला। परिवार को उम्मीद थी कि काम की तलाश के बाद वह लौट आएगा, लेकिन रात बीतने लगी और जावेद घर नहीं पहुंचा। रात करीब 9:30 बजे रुखसाना की उससे फोन पर बात हुई थी। जावेद ने बताया कि वह सब्जी लेकर घर आ रहा है। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। पत्नी ने अगले दिन पुलिस से की शिकायत जावेद के गायब होने के अगले दिन रुखसाना चंदन नगर थाने पहुंची और पति की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस के सामने शुरुआती सवाल यही था कि जावेद आखिर गया कहां? क्या वह किसी काम से बाहर चला गया था, या उसके साथ कोई अनहोनी हुई थी? पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के साथ जावेद के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगालनी शुरू की। शुरुआत में मामला गुमशुदगी का था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ ऐसे नाम सामने आए, जिनसे कहानी ने दूसरा मोड़ ले लिया। तलाश के बीच सामने आए दो नाम जावेद के परिजन वसीम ने पुलिस को सद्दाम हुसैन के बारे में जानकारी दी। उसने बताया कि जावेद को आखिरी बार शाकिर और सद्दाम के साथ देखा गया था। दोनों ऑटो चलाने का काम करते थे। सद्दाम से पूछताछ शुरू हुई। उसके बयानों और जांच में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस चंदन नगर इलाके में ग्रीन पार्क कॉलोनी के पास एक खाली मैदान तक पहुंची। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से हमले की पुष्टि जिस युवक को परिवार कई दिनों से तलाश रहा था, वह अब इस दुनिया में नहीं था। पुलिस के सामने अब उसकी मौत की वजह और हत्यारों तक पहुंचने की चुनौती थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जावेद की गर्दन पर धारदार हथियार से किए गए गहरे घावों की पुष्टि हुई। साफ था कि उसकी मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई थी। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। सद्दाम के साथ शाकिर की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई। ऑटो के फर्श पर मिले खून के धब्बे जांच के दौरान पुलिस को शाकिर के ऑटो से जावेद का मोबाइल मिला। ऑटो के फर्श और मैट पर खून के धब्बे भी दिखाई दिए। पुलिस के लिए ये अहम सुराग थे। मोबाइल जावेद का था और वह शाकिर के ऑटो में मिला था। खून के निशानों ने भी जांच को नई दिशा दी। पुलिस ने मोबाइल और ऑटो से मिले साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा। अब तक सामने आए तथ्यों ने सद्दाम और शाकिर पर संदेह बढ़ा दिया था। 27 और 28 अप्रैल को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। जावेद की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ कुछ अहम कड़ियां लग चुकी थीं। लेकिन हत्या के पीछे की वजह अब भी स्पष्ट नहीं थी। जावेद की पत्नी एक युवक के साथ होटल में दिखी इसमें जावेद की पत्नी रुखसाना एक संदिग्ध युवक के साथ दिखाई दी। दोनों शाम करीब 4 बजे होटल पहुंचे थे और लगभग 6 बजे तक वहां रुके थे। होटल के रिकॉर्ड में उस दिन कमरा नंबर 303 की एंट्री दर्ज थी। इस जानकारी ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए। जावेद 21 अप्रैल को घर से निकला था। उसी रात उसने पत्नी से फोन पर बात की थी और सब्जी लेकर लौटने की बात कही थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। अगले दिन उसकी गुमशुदगी दर्ज हुई और कुछ दिन बाद शव बरामद किया गया। अब पुलिस के सामने ये सवाल थे- जावेद की हत्या किसने की?
हत्या के पीछे क्या मकसद था?
जावेद की पत्नी दूसरे शख्स के साथ होटल में क्या कर रही थी?
क्या जावेद की हत्या पुरानी रंजिश में हुई? इन सवालों के जवाब कल मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट- 2 में पढ़िए… ये भी पढ़ें… जंगल के आश्रम में बाबा की गला घोंटकर हत्या, क्राइम फाइल्स पार्ट-1 मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में विंध्य और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा अमरकंटक साधु-संतों की तपस्थली के रूप में पहचाना जाता है। इसी इलाके के एक सुनसान आश्रम में रहने वाले संत की मौत ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी। पढ़ें पूरी खबर… गर्लफ्रेंड को आश्रम लाने से रोका तो गुरु का कत्ल, क्राइम फाइल्स पार्ट-2
क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि अमरकंटक के जंगल में स्थित शिवाबाबा आश्रम में खड़ेश्वरी बाबा उर्फ भोलागिरि की हत्या ने पूरे इलाके को चौंका दिया था। 7 अगस्त 2024 को हुई इस वारदात के बाद बाबा का शव मिला। पढ़ें पूरी खबर…
