मध्य प्रदेश ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने में टॉप 10 राज्यों में शामिल हो गया है। नीति आयोग ने इस हफ्ते भारतीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स-2025 जारी किया है। इसमें मप्र 2024 की तुलना में 16 पायदान की छलांग लगाकर 7वें स्थान पर पहुंच गया है। 17 बड़े राज्यों की रैंकिंग में भी प्रदेश चौथे स्थान पर रहा। आयोग ने इंदौर के साथ भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर व उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के तौर पर चिह्नित करने को अच्छा बताया है। इस साल सितंबर तक इंदौर में 22 हजार, भोपाल में 12 हजार और जबलपुर, ग्वालियर व उज्जैन में 48,000 से ज्यादा ईवी बिक चुके हैं। हालांकि ईवी नीति बनाने में लेटलतीफी और ईवी खरीदी में छूट व प्रोत्साहन नहीं होने से हम थोड़ा पिछड़ रहे हैं। देश में दिल्ली नंबर वन पर इंडेक्स में 36 राज्यों में दिल्ली नंबर वन पर है। इसके बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक, चंडीगढ़, गोवा, तमिलनाडु हैं। सातवें क्रम पर मप्र है। 17 बड़े राज्यों के इंडेक्स में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु के बाद मप्र है। 2025 में देश में 87 लाख ईवी थे। इस साल सितंबर तक ही यह संख्या एक करोड़ के निकट पहुंच रही है। तीन पैमाने, 16 बिंदुओं पर बना इंडेक्स परिवहन के लिए उपयोग: मप्र में 2024 की तुलना में 30 अंक का इजाफा हुआ। 17 बड़े राज्यों में प्रदेश की स्थिति दूसरे नंबर पर रही। इस पैरामीटर में सरकारी ऑफिसों में ईवी का प्रयोग, तीनों श्रेणियों में ईवी रजिस्ट्रेशन, खरीदी में छूट व अन्य आकर्षण, संचालन में सहयोग, ईंधन की दरों में अंतर का प्रभाव शामिल किया गया है। चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर : चार्जिंग सुविधाओं के विकास का 6 बिंदुओं पर आकलन किया है। चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क, इनमें नवाचार, व्हीकल-चार्जिंग स्टेशन का अनुपात, चार्जिंग पर किसी तरह की छूट, सोलर एनर्जी का उपयोग, अन्य नवाचार देखा। इसमें मप्र 28 अंक की बढ़ोतरी के साथ 17 राज्यों में 9वें स्थान पर रहा। नवाचार और शोध : इसमें ईवी स्टार्टअप, पेटेंट, शोध व विकास अध्ययन के आधार पर आकलन किया जाता है। इस श्रेणी में प्रदेश 20 अंकों की बढ़त के साथ टॉप परफॉर्मर की श्रेणी में है। 17 बड़े राज्यों में 6ठे स्थान पर रहा। यहां ईवी स्टार्टअप की दिशा में अच्छा काम हो रहा है। इसे उपयोगी बनाने के लिए आईआईटी भी तकनीकी शोध कर रहा है।
