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नाबालिग की मौत पर सौतेले पिता की कहानी पर सवाल:ग्वालियर में सीन रीक्रिएशन में नहीं मिले बयान और वैज्ञानिक साक्ष्य; सिंध नदी किनारे मिला था शव

ग्वालियर में 24 मई से लापता 13 वर्षीय छात्रा का शव भिंड के मौ क्षेत्र स्थित सिंध नदी घाट से बरामद होने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। शनिवार को पुलिस द्वारा कराए गए सीन रीक्रिएशन और फॉरेंसिक जांच में सौतेले पिता की बताई कहानी वैज्ञानिक साक्ष्यों से मेल नहीं खा रही है। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। शनिवार रात तक आईजी, डीआईजी और एसएसपी सिरोल थाने में बैठकर मामले की समीक्षा करते रहे। 25 मिनट का घटनाक्रम बना जांच का केंद्र नाबालिग छात्रा सिरोल इलाके में रहती थी। सौतेले पिता ने बताया था कि 24 मई की रात 9:30 बजे उसकी पत्नी अपनी दोनों छोटी बेटियों के साथ सो गई थी। बड़ी बेटी कमरे में पढ़ रही थी। वह खुद घर के बरामदे में सो रहा था। रात 11 बजे बिजली चली गई। इस पर छात्रा की मां उठी तो बेटी कहीं नहीं मिली। काफी देर तलाश करने के बाद जब पति-पत्नी घर लौटे तो अंदर से दरवाजा बंद था। यानी बेटी वापस आ चुकी थी। इसके बाद सौतेला पिता दीवार फांदकर अंदर गया। करीब 25 मिनट बाद उसने दरवाजा खोला और पत्नी व अन्य बच्चों को बताया कि बेटी ने कमरे में साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली है। इसके बाद वह शव को सिंध नदी में फेंक आया। पुलिस को घर के अंदर जाने और 25 मिनट बाद बाहर आकर फांसी की जानकारी देने वाली यह कहानी समझ नहीं आ रही है। यही 25 मिनट जांच का सबसे बड़ा सवाल बने हुए हैं। कार में सीएनजी भरवाने गया था जांच में यह भी सामने आया है कि बेटी की मौत के बाद आरोपी सौतेला पिता अपनी कार लेकर पेट्रोल पंप पहुंचा, वहां सीएनजी भरवाई और फिर किशोरी के शव को लेकर भिंड के मौ क्षेत्र पहुंचा। वहां सिंध नदी किनारे शव को ठिकाने लगा दिया। उसने पत्नी से कहा था कि नदी में मौजूद मगरमच्छ शव को खा जाएंगे और घटना का कभी खुलासा नहीं होगा। मां की भूमिका भी जांच रही पुलिस पुलिस सौतेले पिता के साथ मृतका की मां की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार उसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी। बेटी के शव को ठिकाने लगाने में उसने पति की मदद की थी। यदि यह आत्महत्या का मामला है तो मां ने अपराध छिपाने में मदद की। वहीं यदि हत्या के बाद आत्महत्या की कहानी बनाई गई है तो उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने की जांच, मामला संदिग्ध नजर आया शनिवार को एफएसएल टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच के बाद सीन रीक्रिएशन कराया। पुलिस ने यह जानने की कोशिश की कि क्या कोई व्यक्ति अकेले 25 मिनट के भीतर शव को फंदे पर लटकाकर पूरी घटना को आत्महत्या का रूप दे सकता है या नहीं। फिलहाल पुलिस ने मृतका की मां और सौतेले पिता को हिरासत में रखा है। मां की भूमिका भी जांच के दायरे में है, क्योंकि उसने घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को सूचना नहीं दी। पुलिस का मानना है कि यदि बच्ची ने वास्तव में आत्महत्या की थी तो शव को इतनी दूर ले जाकर छिपाने की जरूरत क्यों पड़ी। पिता चलाता है खुद की टैक्सी मृतका का सौतेला पिता खुद की टैक्सी चलाता है। उसके पास एक ईको वैन है, जिसे वह ट्रैवल्स एजेंसी के लिए चलाता है। यही उसकी आजीविका का साधन है। गुस्सैल स्वभाव का बताया जा रहा सौतेला पिता जानकारी के अनुसार मृतका की उम्र 12 साल 8 माह थी। वह पांचवीं कक्षा की छात्रा थी और घर के पास स्थित एक निजी कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ती थी। उसकी दो छोटी बहनें भी हैं, जिनकी उम्र 6 और 8 वर्ष है। वह पिछले आठ सालोंं से सिरोल इलाके में अपने सौतेले पिता के साथ रह रही थी। उसका जैविक पिता भिंड में रहता है। उसकी मां ने पहले पति को छोड़ दिया था। आरोपी सौतेला पिता भी भिंड के दंदरौआ के पास नई का पुरा गांव का रहने वाला है। पुलिस कराएगी डीएनए टेस्ट ग्वालियर पुलिस सिंध नदी से मिले क्षत-विक्षत शव का डीएनए टेस्ट कराएगी। इससे यह पुष्टि की जाएगी कि बरामद शव संध्या जाटव का ही है या नहीं। पुलिस पहले शव की पहचान सुनिश्चित करना चाहती है, ताकि जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा सके। ये खबर भी पढ़ें… 5 दिन से लापता 5वीं की छात्रा का शव मिला ​ग्वालियर के सिरोल इलाके से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई 12 साल की बच्ची का शव शुक्रवार रात भिंड के मौ इलाके में मिला है। शव सिंध नदी किनारे क्षत-विक्षत हालत में था। आशंका है कि उसका काफी हिस्सा मगरमच्छ खा गए। पिता और मां को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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