धामनोद में नर्मदेश्वर महादेव डोला यात्रा की तैयारियां जोरों-शोरों से शुरू हो गई हैं। हर साल श्रावण (सावन) के महीने में निकलने वाली इस यात्रा को इस बार भी बेहद खास और बड़े पैमाने पर आयोजित करने की तैयारी है। नर्मदेश्वर महादेव डोला समिति पिछले 17 सालों से धामनोद में यह शिवडोला निकाल रही है। इस साल सावन के तीसरे सोमवार, यानी 17 अगस्त 2026 को भगवान नर्मदेश्वर महादेव की शाही सवारी नगर भ्रमण पर निकलेगी। इसी सिलसिले में बुधवार शाम 7 बजे बालाजी धर्मशाला परिसर में श्री नर्मदेश्वर महादेव डोला समिति की एक खास बैठक बुलाई गई। इसमें समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के अलावा नगर के सम्मानित लोग और प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में यात्रा को और ज्यादा व्यवस्थित, सुंदर और आकर्षक बनाने को लेकर खुलकर चर्चा की गई। समिति ने सभी सदस्यों से अपील की कि वे अपने दोस्तों और नए लोगों को भी इससे जोड़ें ताकि इस धार्मिक आयोजन को और बड़ा रूप दिया जा सके। बैठक खत्म होने के बाद सभी के लिए भोजन का इंतजाम भी किया गया था। खलघाट से लाया जाएगा पवित्र जल, 5 हजार कावड़िए करेंगे जलाभिषेक धामनोद की यह कावड़ यात्रा इलाके की सबसे बड़ी धार्मिक परंपराओं में से एक है। यात्रा वाले दिन सुबह-सुबह नर्मदा नदी के खलघाट तट से पवित्र जल लाया जाता है। इसके बाद करीब 7 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर हजारों महिला, पुरुष और बच्चे ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाते हुए धामनोद पहुंचते हैं और नर्मदेश्वर महादेव का जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान जगह-जगह केले और खिचड़ी का प्रसाद बांटा जाता है। अनुमान है कि सुबह के समय होने वाले इस जलाभिषेक में ही करीब 5 हजार से ज्यादा कावड़िए और श्रद्धालु शामिल होते हैं। हाथी-घोड़ों के साथ निकलेगी शाही सवारी, उमड़ेगी भारी भीड़ दोपहर के समय भगवान भोलेनाथ की शाही सवारी पूरे ठाट-बाट के साथ नगर भ्रमण पर निकलेगी। इस सवारी में गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़े, हाथी-घोड़े और पारंपरिक डांस करने वाले कलाकार शामिल होंगे। भगवान की अगवानी के लिए पूरे रास्ते में जगह-जगह फूलों की बारिश की जाएगी। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह फलाहार और ठंडे शरबत के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इस शाही यात्रा में धामनोद के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी भारी भीड़ पहुंचती है। उम्मीद जताई जा रही है कि दर्शन के लिए इस बार करीब 20 से 25 हजार श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ेंगे।
