मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। जीतू पटवारी ने बताए भ्रष्टाचार के रेट
राजनीति एक रंगमंच ही तो है और नेता कलाकार। अपनी अदाकारी से ये जनता को लुभाते हैं। हालात और मौकों के हिसाब से अलग-अलग किरदार निभाते हैं। मध्य प्रदेश में भी नेताओं की ऐसी ही कलाकारी के नजारे देखने को मिल रहे हैं। कटनी के बरही पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से भ्रष्टाचार का लाइव डेमो दे दिया। दरअसल, हाल ही में एक बड़े अधिकारी का वीडियो सामने आया था, जिसमें वे नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार की बात कहते नजर आए थे। इसी वीडियो को लेकर जीतू पटवारी ने मंच से डस्टबिन, फिनाइल की कैन और बल्ब लहराए और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- ये एक लाख रुपए की बाल्टी है, ये 36 हजार रुपए की फिनाइल की बोतल है और ये 11 हजार रुपए का बल्ब है। वहीं, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के ओएसडी के रिश्वत लेने के मामले में भी जीतू पटवारी ने निशाना साधा। उन्होंने एक मुहावरे में थोड़ा बदलाव करते हुए कहा कि देवड़ा जी को चुल्लू भर दारू में डूब मरना चाहिए। बता दें कि जगदीश देवड़ा आबकारी विभाग के मंत्री भी हैं। अब जीतू पटवारी के इस वीडियो पर लोग कह रहे हैं कि जब सरकार की ओर से ऐसी फुलटॉस मिलेगी, तो विपक्ष बल्ला घुमाएगा ही। जीतू ने जोश में रौंदे ट्रैफिक के नियम
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कटनी के बरही में कार्यकर्ताओं के साथ बाइक रैली भी निकाली। वे खुद बुलेट चलाते नजर आए, लेकिन उनके सिर पर हेलमेट नहीं था। सिर्फ जीतू पटवारी ही नहीं, रैली में नजर आ रहे किसी भी कार्यकर्ता के सिर पर हेलमेट नहीं दिखा। यानी उत्साह और जोश में कांग्रेस नेता ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते नजर आए। अब लोग इस वीडियो पर चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि जब लीडर ही नियम तोड़ने लगे, तो बाकी कार्यकर्ताओं से हेलमेट पहनने की उम्मीद कैसे की जाए। दिग्विजय की यात्रा में दिखे सियासी रंग
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह राम नाम के साथ सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा लेकर शाजापुर पहुंचे। यहां वे ‘श्रीराम जी की सेना चली’ भजन पर थिरकते नजर आए। दिग्विजय सिंह ने दशहरे पर उज्जैन से यह यात्रा शुरू की थी, जो अयोध्या तक जाएगी। दावा किया गया था कि यात्रा गैरराजनीतिक होगी और इसमें राजनीति की बातें नहीं होंगी। लेकिन शाजापुर में यात्रा के दौरान कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां ‘चंदा चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में’..’वोट चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर मे’ जैसे नारे गूंजते सुनाई दिए। इतना ही नहीं, दिग्विजय सिंह खुद लोगों को एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली का न्योता देते नजर आए। उन्होंने कहा कि वे वोट चोरी और चंदा चोरी करने वालों को उजागर कर रहे हैं। खरी बात ये है कि यात्रा भले ही राम नाम के साथ शुरू हुई हो, लेकिन इसमें सियासत के रंग भी नजर आ रहे हैं। अब लोग कह रहे हैं कि कोई कितने भी दावे करें, लेकिन हमारे लोकतंत्र में धर्म और राजनीति अक्सर साथ चलती नजर आती हैं। नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ता को पहनाए जूते
दतिया के दादा यानी पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा अपने अलग ही अंदाज के लिए फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने अपने एक कार्यकर्ता को अपने हाथों से जूते पहनाए, जूतों के लेस बांधे और फिर उसे गले भी लगाया। दरअसल, 2023 के विधानसभा चुनाव में इस कार्यकर्ता के बूथ पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद कार्यकर्ता ने जूते-चप्पल पहनना छोड़ दिया था। उसने प्रण लिया था कि जब तक अपने बूथ पर भाजपा को नहीं जिताएगा, जूते नहीं पहनेगा। हाल ही में दतिया में हुए उपचुनाव में इस कार्यकर्ता के बूथ पर भाजपा को ज्यादा वोट मिले। इसके बाद बाकायदा पादुका ग्रहण समारोह हुआ। नरोत्तम मिश्रा ने खुद कार्यकर्ता को जूते पहनाए और उसके प्रण पूरा होने का जश्न मनाया। अब लोग कह रहे हैं कि सियासत में कार्यकर्ताओं के दिलों में जगह बनाने और सुर्खियों में बने रहने के लिए नेताओं को ऐसे अंदाज भी दिखाने पड़ते हैं। जब सीएम ने बच्चे को कंधे पर उठा लिया
हाल ही में बड़वानी जिले के सेंधवा दौरे पर गए सीएम डॉ. मोहन यादव का भी अलग ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने वहां मलखंब का प्रदर्शन देखा। वे इससे इतने प्रभावित हुए कि एक बच्चे को अपने कंधे पर बैठा लिया। इसके बाद एक कार्यक्रम में आदिवासी समाज की बारेली बोली का जिक्र आया तो सीएम ने कहा कि वे भी इसे सीखेंगे। फिर उन्होंने कहा, ‘मेरा जन्म भी पुराने जन्म में बारेला ही था, ये मुझे मालूम है।’ अब सीएम ने बारेली बोली और अपने पूर्व जन्म का जिक्र कर जिस अंदाज में आदिवासी समाज से जुड़ने की कोशिश की, उस पर लोग कह रहे हैं कि इसे पब्लिक कनेक्ट यानी जनता से जुड़ने की कलाकारी कहा जा सकता है। आदिवासियों के संग थिरके शिवराज सिंह
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र में विस्थापित हो रहे नीलगढ़ गांव पहुंचे थे। यहां वे भावुक भी नजर आए और आदिवासी लोगों के साथ झूमते-थिरकते भी दिखे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन भी किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नीलगढ़ के लोगों का वनों और वन्य प्राणियों की रक्षा के लिए अपना घर-गांव छोड़ने का निर्णय, त्याग और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम का अनुपम उदाहरण है। शिवराज सिंह चौहान के नीलगढ़ गांव दौरे का वीडियो भी सामने आया है। अब लोग कह रहे हैं कि हमारे मामा जी भी बड़े कलाकार हैं। ग्रामीणों के भावुक पलों के बीच भी वे अपना हुनर और लोगों से जुड़ने की कला दिखा आए। और अब अंदर की बात..
बड़े साहब ने पार्टी दी, लेकिन वजह नहीं बताई
मध्य प्रदेश में बड़े साहब की ओर से दी गई एक पार्टी इन दिनों खासी चर्चा में है। खास बात यह है कि इस पार्टी में जिन अधिकारियों को बुलाया गया था, उनकी उपस्थिति 100% रही। एक और खास बात यह है कि अधिकारियों से पहले ही कह दिया गया था कि कोई भी किसी तरह का गिफ्ट लेकर न आए। न ही कोई व्यवहार स्वीकार किया जाएगा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि न तो साहब का बर्थडे था और न ही उनकी मैरिज एनिवर्सरी। अब प्रशासनिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि कहीं बड़े साहब को एक्सटेंशन की संभावना का कोई संकेत तो नहीं मिल गया है। अगर ऐसा नहीं है, तो फिर साहब की ऐसी कौन-सी खुशी है, जिसे उन्होंने सेलिब्रेट तो किया, लेकिन किसी को बताया नहीं? ये भी पढ़ें –
विधायक ने गालियां दी, अफसर को फटकारा: मंत्री बोले- नौकरी लायक नहीं रहोगे राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब राजगढ़ से भाजपा विधायक अमर सिंह यादव कलेक्टर के सामने ही एक अधिकारी पर भड़क गए। विधायक ने अधिकारी को न केवल खरी-खोटी सुनाई, बल्कि अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया। मतलब, एक तरह से गालियां भी दीं।
