भोपाल के अलग-अलग इलाकों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि मामलों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) जन्म-मृत्यु विभाग के रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश बड़गैंया बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ मालवीय नगर निवासी फिजा बानो ने अपनी भतीजी का जन्म प्रमाण-पत्र नहीं बनने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा कि करीब चार साल से बच्ची का बर्थ सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा है और वह कई बार आवेदन कर चुकी हैं। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद नगर निगम के जन्म-मृत्यु विभाग के रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश बड़गैंया ने मामले पर संज्ञान लिया और बच्ची का बर्थ सर्टिफिकेट बनवाकर समस्या का समाधान कराया। शिकायतकर्ता फिजा बानो ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश बड़गैंया का धन्यवाद किया। एप से मिल रहा लोगों को समाधान ऐशबाग: एक साल से बंद स्ट्रीट लाइट हुई चालू ऐशबाग हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी समीेर ने गली के खंभे की स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा कि गली के खंभे की लाइट करीब एक साल से बंद थी। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर स्ट्रीट लाइट चालू कर दी। इसकी पुष्टि खुद शिकायतकर्ता ने की। उन्होंने समाधान के लिए दैनिक भास्कर और मध्यप्रदेश शासन का धन्यवाद भी दिया। जलभराव, स्ट्रीट लाइट और बिजली की समस्याओं से परेशान शहरवासी करोंद: रतन कॉलोनी में नाली नहीं होने से जलभराव, पार्षद से समाधान की मांग करोंद बायपास, रतन कॉलोनी निवासी कुलदीप वर्मा ने कॉलोनी में नाली नहीं होने की शिकायत भास्कर समाधान पर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि रतन कॉलोनी में नाली का निर्माण नहीं किया गया है। इसके कारण नाली का गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इंद्रपुरी: दो दिन पहले ठीक हुई स्ट्रीट लाइट फिर बंद, रहवासी परेशान इंद्रपुरी निवासी वीरेन्द्र कुमार खड़े ने स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि स्ट्रीट लाइट दो दिन पहले ही ठीक हुई थी, लेकिन इसके बाद फिर से बंद हो गई। इससे इलाके में रात के समय अंधेरा रहने की समस्या बनी हुई है। ज्योति टॉकीज चौराहा: टूटा टावर कई दिनों से पड़ा, हादसे का खतरा ज्योति टॉकीज चौराहा के पास शिकायत कर्ता एसके गुप्ता ने टूटे हुए टावर को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि यहां एक टावर टूटकर गिरा हुआ है और काफी दिनों से इसी तरह पड़ा है। इस रास्ते से रोजाना हजारों की संख्या में लोग निकलते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इससे दुर्घटना की स्थिति बन सकती है। करोंदः 25 सितंबर की सुबह से बिजली बंद, बार-बार फॉल्ट से परेशान करोंद निवासी नवीन मेहता ने बिजली आपूर्ति बाधित होने और डीपी में बार-बार फॉल्ट की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि 25 सितंबर 2026 की सुबह 6 बजे से लाइट नहीं है। डीपी में बार-बार फॉल्ट हो रहा है और लगी हुई डीपी काफी पुरानी हो चुकी है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
