भोपाल के 53 वर्षीय विकास चौधरी अपने अंगों से चार लोगों को नई जिंदगी देंगे। छह दिन पहले उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था। तभी से वे एम्स हॉस्पिटल में भर्ती थे। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद गुरुवार को उनके अंगों को दान करने का फैसला परिजन ने लिया था। अंगों को पूरे सम्मान के साथ चैन्नई, इंदौर और भोपाल के अस्पतालों में भेजा गया। शहर के बाग सेवनिया इलाके में रहने वाले विकास चौधरी को 4 सितंबर को अचानक ब्रेन हैमरोज हो गया था। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। चिकित्सकीय जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद 8 सितंबर को उन्हें डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित किया। यह परिवार के लिए बेहद दुखद और कठिन समय था। अपने प्रियजन को खोने के गम के बीच भी परिजन ने ऐसा फैसला लिया, जिसने मानवता की मिसाल कायम कर दी। उनके भाई राजेश चौधरी, बहन वीणा चौधरी, भतीजे प्रतीक चौधरी, बेटे मासूम चौधरी समेत परिजनों ने अंगदान करने का फैसला लिया। शव का अंतिम संस्कार शुक्रवार को भोपाल में ही होगा। गार्ड ऑफ ऑनर दिया
गुरुवार को विकास चौधरी का हार्ट, लिवर और दोनों किडनी दान की गई। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने गार्ड ऑफ आर्नर भी दिया। भतीजे प्रतीक ने बताया कि चाचाजी के अंगों के माध्यम से अन्य जरूरतमंद मरीजों को जीवन का अनमोल अवसर मिल सकता है। इसलिए परिवार ने अंगदान करने का फैसला लिया। चैन्नई में हार्ट, इंदौर में लिवर-भोपाल में किडनी
प्रतीक ने बताया कि चाचा जी का हार्ट चैन्नई, लिवर इंदौर और किडनी भोपाल के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया है। ताकि, जरूरतमंदों को नई जिंदगी दी जा सके।
