उज्जैन में करीब 2600 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे उज्जैन-गरोठ हाईवे की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। हाईवे पर अभी यातायात शुरू भी नहीं हुआ है और आगर रोड के ऊपर बने ब्रिज के कई पैनल तिरछे होकर धंसने लगे हैं। कुछ जगह पैनलों के बीच का अंतर बढ़ गया है और उनके उखड़ने की आशंका दिखाई दे रही है। स्थिति को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों ने पैनलों को निकलने से रोकने के लिए दोनों तरफ करीब 7 से 8 लोहे के सरिये ठोक दिए हैं। उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने भी इस मामले में NHAI अधिकारियों की शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं हुई है। पैनल खिसकने लगे तो अधिकारियों ने ठोके सरिये आगर रोड के ऊपर से गुजरने वाले उज्जैन-गरोठ हाईवे के ब्रिज के कई पैनल तिरछे होने लगे हैं। इनके बीच का अंतर भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। कुछ जगह स्थिति ऐसी हो गई है कि पैनल गिरने की आशंका नजर आने लगी। इसके बाद NHAI अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर हाईवे के दोनों तरफ करीब 7 से 8 लोहे के सरिये ठोक दिए। ब्रिज के पैनल उखड़ने की स्थिति सामने आने के बाद भी अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने इस मामले में NHAI अधिकारियों की शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं हुई है। सड़क के मामले में सांसद फिरोजिया से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। डेडलाइन खत्म, लेकिन हाईवे का काम अब तक अधूरा उज्जैन को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला गरोठ हाईवे 2028 के सिंहस्थ कुंभ के लिए बनाया जा रहा है। इसका निर्माण मार्च 2022 में शुरू हुआ था। करीब 136.1 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे का काम एक साल पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था। हालांकि, अब तक 90 प्रतिशत से अधिक काम ही पूरा हुआ है। उज्जैन के देवास रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास तकनीकी खामी के कारण सड़क का करीब 500 मीटर हिस्सा धंस गया था। NHAI अब इस हिस्से को पूरी तरह तुड़वाकर नए सिरे से बनवा रहा है। NHAI बोला- सुरक्षा के लिए की गई सॉइल नेलिंग मामले में NHAI उज्जैन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिवम शर्मा ने बताया कि आरई वॉल पर किया गया सॉइल नेलिंग संरचना को लंबे समय तक मजबूती देने वाली विश्व स्तर पर प्रमाणित और मानक इंजीनियरिंग तकनीक है। सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए यह काम नियमित प्रक्रिया और एहतियात के तौर पर किया गया है। नागझिरी के पास 500 मीटर सड़क भी खराब हुई गरोठ हाईवे विधिवत शुरू होने से पहले ही इसमें लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे हैं। उज्जैन शहर से निकलने वाले इस मार्ग पर करीब एक महीने पहले देवास रोड से रेलवे पटरी के बीच करीब 17 मीटर यानी 50 फीट से अधिक ऊंचाई पर बनी सड़क में धंसाव की स्थिति सामने आई थी। नागझिरी के पास करीब 500 मीटर हिस्से की हालत खराब हो गई है। इसे तोड़कर नए सिरे से निर्माण करना पड़ेगा। चंदेसरी के पास रेलवे ब्रिज का काम अधूरा होने के कारण अभी इस मार्ग पर यातायात शुरू नहीं हुआ है।
