बालाघाट में किसान गर्जना संगठन ने खाद की बढ़ती कीमतों को लेकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। संगठन का आरोप है कि जो खाद पहले 1350 रुपए में मिलती थी, उसकी कीमत अब बढ़कर 2450 रुपए हो गई है। इससे खरीफ सीजन (धान की बुआई) के समय किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है। रविवार शाम को सर्किट हाउस में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान गर्जना संगठन के जिलाध्यक्ष अरविंद चौधरी ने बताया कि संगठन जिलेभर की सोसायटियों में जाकर किसानों को एकजुट कर रहा है। उनकी सबसे मुख्य मांग खाद के बढ़े हुए दामों को तुरंत वापस लेने की है। ‘मोदी की गारंटी’ और धान के दाम पर उठाए सवाल अरविंद चौधरी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय किसानों को ‘मोदी की गारंटी’ दी गई थी और वादा किया गया था कि धान का समर्थन मूल्य (MSP) 3100 रुपए किया जाएगा। लेकिन सरकार ने अपना यह वादा तो पूरा नहीं किया, बल्कि खाद के दाम और बढ़ा दिए, जिससे खेती पूरी तरह घाटे का सौदा बनती जा रही है। बाजार से डीएपी गायब, एनपीके हुआ महंगा उन्होंने बताया कि इस समय सरकार सोसायटियों के जरिए टोकन सिस्टम से खाद बांट रही है। खुले बाजार से डीएपी (DAP) खाद पूरी तरह गायब है और जो एनपीके (NPK) मिल रहा है, उसके दाम आसमान छू रहे हैं। कीमतों के इस भारी बोझ से किसान बेहद परेशान हैं। आर-पार की लड़ाई के मूड में संगठन किसान गर्जना संगठन का कहना है कि सरकार खाद के दाम बढ़ाकर किसानों को खेती छोड़ने या आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन जल्द ही पूरे जिले के किसानों को साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा और सरकार को कीमतें घटाने पर मजबूर कर देगा।
