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कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को भोपाल पुलिस ने उठाया:मंत्रालय के सामने बैठे थे धरने पर, रीवा में प्रसूता की मौत पर डिप्टी सीएम से मांगा इस्तीफा

रीवा जिले की सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को भोपाल पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वे भोपाल में मंत्रालय के सामने धरना दे रहे थे। मिश्रा आधे घंटे ही बैठ पाए और पुलिस ने आकर उठा लिया। मिश्रा रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध गांधी स्मारक अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग करने के साथ उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। लोग मर रहे और सरकार सोई हुई है मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे विधायक अभय मिश्रा ने दैनिक भास्कर से कहा- मप्र में जिस तरह से अराजकता और लूट पाट का वातावरण है। लूटो और लुटवाओ, पैसे कमाओ और आपस में बांटो। ये सब तो ठीक है लेकिन, वर्तमान में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मप्र में जिस तरह से हाहाकार मचा है ये खून की होली खेल रहे हैं। लोग मर रहे हैं। ये पैसे लूटें और लुटवाएं लेकिन लोगों की जान से न खेलें। अभी हमारे रीवा के संजय गांधी हॉस्पिटल में कल्पना मिश्रा की जिस तरह से दर्दनाक मौत हुई। इस तरह से वहां रोज मौतें होती हैं। बस अंतर इतना है कि कल्पना का वीडियो सामने आ गया। बाकी का वीडियो सामने नहीं आ पाता। कल्पना का बेबस पिता रीवा के सिरमौर चौराहे पर धरने पर बैठा है। दाह क्रिया करने के बाद क्रियाकर्म करने के बजाए वहां धरने पर बैठा है। इतना ज्यादा अत्याचार मचा हुआ है कि मैं सोई हुई सरकार को जगाने के लिए सांकेतिक धरना दे रहा हूं। राजेन्द्र शुक्ल को कमाई वाला विभाग दे दें अभय मिश्रा ने कहा- मेरा उद्देश्य केवल सरकार का ध्यान खींचना और स्वास्थ्य मंत्री जी का इस्तीफा चाहता हूं। सरकार से अपील करता हूं कि उन्हें निर्माण और अन्य कमाने वाले विभाग जहां अच्छा पैसा है वहां का काम सौंपें। स्वास्थ्य विभाग में उनकी कमाई के चक्कर में लोगों की जानें जा रहीं हैं। उनसे इस्तीफा दिलवाकर स्वास्थ्य विभाग को मुक्ति दिलाएं।राजेन्द्र शुक्ला से जुडे़ कुछ मामले मेरे पास हैं। इनकी शिकायत में ईओडब्ल्यू में करने जा रहा हूं। मैं छह घंटे का मौन उपवास करूंगा। रीवा में ही स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्गति हो रही
रीवा हॉस्पिटल में एक महिला मरीज के चेहरे पर कीड़े रेंगने वाले वीडियो पर विधायक अभय मिश्रा ने कहा- वो बात सबके सामने है। इन लोगों ने उसे मैनेज करके किसी तरह प्रयागराज भिजवाया है। उसकी गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाया है। रीवा में कल्पना की मौत हुई। जिंदा आदमी का पोस्टमार्टम किए दे रहे थे। एक आदमी को कुत्ते ने काटा उसे सांप काटने का इंजेक्शन लगा दिया। राजेन्द्र शुक्ला कैसे जिम्मेदार हैं? इसके जवाब में विधायक अभय मिश्रा ने कहा- राजेन्द्र शुक्ल स्वास्थ्रू मंत्री हैं। कितना भी गया गुजरा मंत्री हो लेकिन अपने जिले का ध्यान तो रखेगा। लेकिन उनके ही जिले में ही इतना हाहाकार मचा हुआ है तो बाकी जगह की क्या उम्मीद करेंगे।उसी का परिणाम है छिंदवाड़ा हो, बालाघाट हो या इंदौर हो या सागर हो लगातार मौतें हो रहीं हैं और सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है।
कल्पना मिश्रा की मौत 26 अगस्त की रात रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में उपचार के दौरान हुई थी। वह प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थीं। उपचार के दौरान उनकी और उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और चिकित्सा लापरवाही की अंतिम जिम्मेदारी जांच से ही तय होगी। मौत से पहले का वीडियो सामने आया मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब कल्पना मिश्रा का मौत से कुछ घंटे पहले का वीडियो सामने आया। वीडियो में वह अस्पताल के महिला वार्ड से बाहर निकलकर रोते हुए मदद मांगती नजर आ रही है। वह इलाज को लेकर आशंका जताते हुए परिजनों से मदद की गुहार लगाती दिखती है। इस वीडियो के सामने आने के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कल्पना की हालत पर ध्यान देने और बेहतर इलाज देने की मांग की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। मृतका के पिता ने जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। परिवार का यह भी आरोप है कि इलाज के दौरान उनसे कथित तौर पर 30 हजार रुपए की मांग की गई थी। यह आरोप भी जांच का विषय है। दो डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारी निलंबित मामले में प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया। निलंबित डॉक्टरों में डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे शामिल हैं। दो नर्सिंग अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई। सरकार ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को भी पद से हटा दिया गया। उनके परिजनों के साथ कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो सामने आया था। उनकी जगह डॉ. प्रियांक शर्मा को अधीक्षक का प्रभार दिया गया। इसके बाद श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को भी पद से हटाकर सतना मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित कर दिया गया। सतना मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को रीवा की जिम्मेदारी दी गई। इस तरह मामले में अब तक अधीक्षक सहित छह लोगों पर कार्रवाई की बात सामने आई है। सरकार ने जांच के आदेश दिए, परिवार एफआईआर पर अड़ा सरकार की ओर से मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी बनाई गई। समिति को इलाज से जुड़े दस्तावेज, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल और संबंधित स्टाफ के बयान की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के निर्देश पर मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। लेकिन कार्रवाई के बावजूद कल्पना के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। मृतका के पिता रामशरण मिश्रा लगातार धरना-अनशन कर रहे हैं। परिवार की मांग है कि जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की जाए और मामले की स्वतंत्र जांच हो। परिवार ने सीबीआई जांच की मांग भी उठाई है। कांग्रेस ने बनाया स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा कल्पना मिश्रा की मौत को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी रीवा में धरने में शामिल होकर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। कांग्रेस का आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में ही सरकारी अस्पताल की व्यवस्था बदहाल है और जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में जवाबदेही तय नहीं की जा रही। इसी कड़ी में अब सेमरिया विधायक अभय मिश्रा भोपाल में मंत्रालय के सामने मौन धरना देंगे। उनका निशाना सीधे उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल पर है। वे कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे को न्याय दिलाने के साथ स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। कल मंत्री के बंगले के घेराव में पुलिस ने किया था बल प्रयोग कल्पना मिश्रा मामले को लेकर मंगलवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रीवा में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद कांग्रेस ने आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी थी।

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