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कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी देने वाला एक्टिविस्ट गिरफ्तार:खुद भी कश्मीरी पंडित, 2008 में फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ चुनाव लड़ा; 26 दिन में 3 धमकियां मिली थीं

जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी देने के मामले में एक्टिविस्ट राकेश हांडू को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। वह भी कश्मीरी पंडित है। राकेश ने 2008 में फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गए थे। बारामूला और स्थानीय पुलिस ने 17 अक्टूबर को उसे घर से हिरासत में लिया। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर जम्मू-कश्मीर लाया गया। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ सबूत मिले हैं। उस पर आतंकवाद और साइबर अपराध से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज है। 7 अगस्त से 1 सितंबर के बीच कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को तीन धमकी भरे पत्र मिले। इनमें उनके नाम, घर के पते और गाड़ियों के नंबर व रंग जैसी निजी जानकारी दर्ज थी। धमकियों के बाद प्रधानमंत्री के विशेष रोजगार पैकेज के तहत नियुक्त सैकड़ों कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को करीब तीन सप्ताह तक काम पर न आने को कहा गया था। हांडू ने 2008 में विधानसभा चुनाव लड़ा था हांडू कश्मीरी पंडितों से जुड़े मामलों में सक्रिय रहा है। उसने 2008 के विधानसभा चुनाव में श्रीनगर की हजरतबल सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गया था। पुलिस ने 21 सितंबर को FIR दर्ज की थी और हांडू को 26 सितंबर को बारामूला में पेश होने के लिए कहा था। सूत्रों के मुताबिक, बार-बार बुलाने के बावजूद वह पेश नहीं हुआ। 17 अक्टूबर को उसकी पत्नी को दिए गए दस्तावेजों में गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। पुलिस ने उसे गैर-जमानती अपराध के मामले में गिरफ्तार किया। धमकी के बाद कश्मीरी पंडितों को WFH दिए कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) के नाम से टेलीग्राम के जरिए धमकी भरे पत्र भेजे गए थे। खुफिया एजेंसियां इसे लश्कर का मुखौटा संगठन मानती हैं। इसके बाद सरकार ने कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) के निर्देश दिए थे। 6,000 कश्मीरी पंडितों को सरकारी नौकरी मिली धमकी के 3 लेटर पहला- 7 अगस्त दूसरा- 23 अगस्त तीसरा- 1 सितंबर —————————— ये खबर पढ़ें… 35 साल पहले कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की फिर जांच, गांदरबल में महिलाओं-बच्चों समेत 23 को मारा था जम्मू-कश्मीर स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 35 साल पुराने वंधामा नरसंहार की जांच दोबारा शुरू कर दी है। 1998 में गांदरबल के वंधामा गांव में 9 महिलाओं और 4 बच्चों समेत 23 कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी गई थी। पूरी खबर पढे़ं…

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