वेतन 10,500 से बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने, अनुकंपा नियुक्ति समेत चार मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के सफाईकर्मी दो दिन से हड़ताल पर हैं। शुक्रवार से हड़ताल और तेज हो सकती है। भोपाल में सफाईकर्मियों के समर्थन में अन्य 25 दिवसीय कर्मचारी भी मैदान में उतर आए हैं। इससे जलप्रदाय व्यवस्था पर भी संकट खड़ा हो सकता है। कर्मचारियों ने शुक्रवार को जलप्रदाय नहीं करने की चेतावनी दी है। हड़ताल के चलते प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। भोपाल में लगातार दूसरे दिन कचरा नहीं उठा। सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं। कई जगह डस्टबिन भरने के बाद कचरा सड़कों पर फैल रहा है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि भोपाल में 7 हजार सफाईकर्मी हैं। इनके अलावा 6 हजार कंप्यूटर ऑपरेटर, बाबू, जलप्रदाय, फायर, बिल्डिंग परमिशन, अतिक्रमण, विद्युत, यांत्रिकी, उद्यान और योजना प्रकोष्ठ के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी गुरुवार से हड़ताल पर हैं और शुक्रवार को भी काम नहीं करेंगे। इससे नगर निगम मुख्यालय के साथ ही सभी 85 वार्ड और 21 जोन का काम प्रभावित रहेगा। झांझोट ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद ही हड़ताल को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा। भोपाल में 400 से ज्यादा कचरा गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी बता दें कि शहर में घरों से कचरा उठाने के लिए 400 से ज्यादा गाड़ियां लगाई गई हैं। हड़ताल के कारण ये गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। सामान्य दिनों में हर गाड़ी रोज दो से तीन चक्कर लगाती है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों पर कचरा जमा होता है। यहां से कैप्सूल टैंकरों के जरिए इसे आदमपुर छावनी भेजा जाता है। भोपाल से रोज करीब 850 टन कचरा निकलता है। अब कर्मचारियों ने शुक्रवार से पानी की सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी है। इससे राजधानी में पेयजल संकट का खतरा बढ़ सकता है। भोपाल में 2.30 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन हैं। वहीं, सफाई कर्मचारियों के बाद अब दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। इसके चलते भोपाल नगर निगम मुख्यालय स्थित अटल भवन में कामकाज ठप हो गया है। गुरुवार को कर्मचारी नेता अशोक वर्मा ने नगर निगम मुख्यालय की बिजली सप्लाई बंद कर दी और वहां ताला लगा दिया। प्रदेश के कई जिलों में हड़ताल का असर
भोपाल के अलावा शिवपुरी, विदिशा समेत कई शहरों में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। शिवपुरी नगर पालिका के करीब 350 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सड़कों और बाजारों में कचरा जमा होने लगा है। प्रदेशभर के एक लाख से ज्यादा कर्मचारी नियमित करने, वेतन बढ़ाने और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। सिरोंज में विधायक ने संभाली सफाई की कमान
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के बीच विदिशा जिले के सिरोंज में विधायक उमाकांत शर्मा बुधवार रात खुद सड़क पर उतर आए। उन्होंने करीब दो घंटे तक झाड़ू लगाकर सफाई की। गुरुवार को भी यहां व्यवस्था प्रभावित रही। खिलचीपुर में टेलर ने संभाली सफाई वहीं, राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में कपड़े सिलने की दुकान चलाने वाले दिनेश कुमार नामदेव उर्फ पप्पू ने गुरुवार सुबह दुकान छोड़कर बाजार की सफाई की। वे झाड़ू और हाथ ठेला लेकर सुभाष चौक से सर्राफा बाजार तक पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक कचरा समेटकर उसे नगर से बाहर पहुंचाया। दिनेश ने कहा कि दिवाली पर बाजार में बाहर से भी लोग आते हैं। वे गंदगी देखकर क्या सोचेंगे? उनकी पहल देखकर कुछ लोग मदद के लिए भी आगे आए।
