मध्य प्रदेश में LPG संकट गहरा रहा है। 5 दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। कई होटल में तो 24 से 48 घंटे की गैस ही बची है। ऐसे में ये बंद होने की कगार पर हैं। हालांकि, वैकल्पिक इंतजाम के तौर पर इंडक्शन, डीजल भट्ठी का उपयोग हो रहा है। इसके साथ घरेलू सिलेंडर ने भी मुश्किलें बढ़ा रखी है। भोपाल, इंदौर,बुजुर्गों से लेकर बच्चे भी सिलेंडर के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। कहीं सिलेंडर लेकर घंटों लोग कतार लगे हैं तो कहीं पुलिस के साये में सिलेंडर बंट रहा है। शुक्रवार को भोपाल में गैस एजेंसियों और गोदाम के बाहर पुलिस गाड़ियां घूमती रहीं। ताकि, कोई हंगामा न हो। सभी 23 एजेंसियों पर भीड़ उमड़ी रही। दूसरी ओर, बुकिंग सर्वर भी ठप पड़ा है। इस वजह से 7-8 दिन में भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने कहा-जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
कमर्शियल की सप्लाई रोके जाने और घरेलू सिलेंडर को लेकर मची मारामारी को लेकर प्रदेश के सभी कलेक्टर भी अब मैदान में उतरे हैं। इधर, सरकार ने भी सिलेंडर को लेकर कहा कि प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है। लोग घबराएं नहीं और न ही अतिरिक्त सिलेंडर जमा करें। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। होटलों में इंडक्शन, डीजल भट्टी लगाए एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की है और होटल-रेस्टोरेंट को इमरजेंसी सेवा में शामिल करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, वैकल्पिक इंतजाम भी तलाश रहे हैं। इंडेक्शन, डीजल भट्ठी को लेकर भी फोकस है। कारोबारियों के लिए भी गाइड लाइन जारी की है। जिसमें बचत कैसे करें, गैस को कैसे बचा सकते हैं? आदि का उल्लेख है। एसोसिएशन से भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेशभर के साढ़े 10 हजार होटल जुड़े हैं। वहीं, प्रदेश में इनकी संख्या 50 हजार तक है। भोपाल में एमपी टूरिज्म बोर्ड के मिंटो हॉल स्थित रूफ टॉप पर भी भोजन पकाने के लिए इंडेक्शन का उपयोग हो रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, पचमढ़ी, खजुराहो, ओरछा, मैहर समेत अन्य जगहों के बड़े होटल्स पर भी अब बड़े इंडेक्शन लगाए गए हैं। संकट में लकड़ी-इंडेक्शन बने सहारा, रेट बढ़े
एलपीजी संकट में लकड़ी और इंडेक्शन सहारा बने हुए हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर 5 दिन से नहीं मिले हैं। अधिकांश जगहों पर एक-दो दिन का ही स्टॉक बचा है। ये जल्दी खत्म हो जाता, लेकिन इससे पहले बड़े इंडेक्शन और डीजल भट्ठी जैसे इंतजाम किए जा रहे हैं। भोपाल में अधिकांश होटलों में इंडेक्शन का उपयोग होने लगा है। इधर, सिलेंडर न मिलने पर लोगों में इंडेक्शन खरीदने की होड़ मची हुई है। इस कारण प्रदेश में इंडेक्शन की खपत 7 से 10 गुना तक बढ़ गई है। हालांकि, रेट भी दोगुने हो चुके हैं। डीजल भट्ठी पहले 15 से 18 हजार में मिलती थी, वह अब 30 से 35 हजार रुपए तक में मिल रही है। लकड़ी भी 2 से 3 रुपए किलो तक महंगी हो गई है। गैस सिलेंडर से जुड़ी जरूरी जानकारी… आईआरसीटीसी ने की तैयारी एलपीजी की किल्लत के बीच ट्रेनों में भोजन व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर IRCTC ने स्थिति स्पष्ट की है। IRCTC के प्रवक्ता एके सिंह के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) क्षेत्र में फिलहाल कैटरिंग व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और ट्रेनों में भोजन की सप्लाई लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि यात्रियों को खाने को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
एके सिंह ने बताया कि WCR क्षेत्र में IRCTC के करीब 25 क्लस्टर किचन संचालित हो रहे हैं। इन किचनों के माध्यम से क्षेत्र की सभी प्रमुख ट्रेनों में नियमित रूप से भोजन लोड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी ट्रेन में भोजन आपूर्ति बाधित होने की स्थिति सामने नहीं आई है और किचनों में एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उज्जैन में भट्टी में भी वेटिंग
गैस सिलेंडर की आपूर्ति का असर ऐसा हुआ है कि उज्जैन में डीजल भट्टी बनवाने में भी वेटिंग चल रही है। रेस्टोरेंट संचालक भी इन्हीं भट्टी की डिमांड कर रहे हैं। भट्टी बनाने वालों के पास एकाएक इतने ऑर्डर आ गए कि करीब 10 से 15 दिन की वेटिंग के बाद भी भट्टी नहीं मिल पा रही है। उज्जैन शहर में करीब 700 से अधिक रेस्टोरेंट हैं। भोपाल में 3 ट्रक-1 ऑटो से 658 सिलेंडर जब्त
गैस सिलेंडर के लिए मची मारामारी के बीच भोपाल में बड़ी कार्रवाई की गई। प्रशासन ने गैस एजेंसी पर छापा मार कार्रवाई की।
तीन ट्रक और एक लोडिंग ऑटो से सिलेंडर जब्त किए गए। इनमें 19 किलो यानी, 215 कमर्शियल सिलेंडर है। इनमें से 21 भरे हुए थे। वहीं, 348 घरेलू सिलेंडर है। इनमें 18 भरे हुए मिले। 5 किलो क्षमता वाले खाली सिलेंडर की संख्या 95 है। इस तरह कुल 658 सिलेंडर में से 30 भरे हुए मिले। इसी तरह उज्जैन व अन्य छोटे शहरों से भी कार्रवाई कर सिलेंडर जब्त करने की खबरें हैं। मुद्दे को भुनाने कांग्रेस कूदी मैदान में गैस संकट के बीच सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस भी मैदान में कूद गई है। कई जगह कांग्रेस कार्यकर्ता गैस सिलेंडर को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। राजधानी में शुक्रवार को कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला सिलेंडर लेकर नाले में कूद गए। यहां नाले से गैस जलाते हुए प्रदर्शन किया। ये खबर भी पढ़ें… MP में सिलेंडर बुकिंग ठप…इंडक्शन-डीजल भट्ठी के रेट डबल मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर परेशानी बढ़ती जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण उपभोक्ता गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। कई जगहों पर वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है। कई जगहों पर बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है।पूरी खबर पढ़ें
