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एमपी में 2400 कोर्ट, अभियोजन अधिकारी 1070:’वन कोर्ट–वन प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर’ का आदेश, फिर भी 1400 कोर्ट बिना अभियोजन अधिकारी

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि हर कोर्ट में एक अभियोजन अधिकारी होना चाहिए। इसके बावजूद एमपी में 2400 कोर्ट हैं, लेकिन 1070 ही अभियोजन अधिकारी हैं। इसका मतलब यह है कि एमपी की 1400 कोर्ट बिना अभियोजन अधिकारी के चल रही हैं। एमपी में ‘वन कोर्ट वन प्रोसिक्यूशन ऑफिसर’ के फॉर्मूले पर काम करने का वादा करने वाली सरकार ने 610 अभियोजन अधिकारी के पद मंजूर करने के बाद सिर्फ 17 पदों के लिए भर्ती की अनुमति दी है। इसके विपरीत स्थिति यह है कि प्रदेश में 2400 कोर्ट हैं और हर कोर्ट में एक अभियोजन अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर होना चाहिए। इसके बाद भी सरकार इसको लेकर गंभीर नहीं है। अभियोजन अधिकारी के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग द्वारा निकाले गए विज्ञापन पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि यह युवाओं के सपनों से खिलवाड़ है। प्रदेश में अभियोजन अधिकारियों के रिक्त पदों का आंकड़ा देखें तो पता चलता है कि करीब 1400 कोर्ट में अभियोजन अधिकारी नहीं हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट के वन कोर्ट वन प्रॉसिक्यूशन अफसर के आदेश के अंतर्गत इसे भरा जाना चाहिए। संयुक्त संचालक प्रॉसिक्यूशन रामेश्वर कुमरे बताते हैं कि वर्तमान में 1070 अभियोजन अधिकारी एमपी में पदस्थ हैं। उन्होंने स्वीकारा कि कोर्ट की संख्या के हिसाब से अभियोजन अधिकारी पर्याप्त नहीं हैं। 100 पद बढ़ेंगे पीएससी की भर्ती में
संयुक्त संचालक अभियोजन रामेश्वर कुमरे का कहना है कि 2025 में 17 पदों पर भर्ती के लिए पीएससी को प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद कैबिनेट ने 610 पदों को मंजूरी दे दी है। इसके बाद भी अभी 100 पद ही और भरे जा सकेंगे। अभी जो विज्ञापन पीएससी ने जारी किया है, उसमें 17 पदों की संख्या में 100 की वृद्धि करते हुए उसे 117 कर दिया जाएगा। कुमरे ने कहा कि जिलों में स्थिति यह है कि 25 मजिस्ट्रेट हैं और अभियोजन अधिकारी नाममात्र हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए 610 पदों में से बाकी पदों को प्रमोशन के माध्यम से भरा जाएगा। इसलिए उसका विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। नेता प्रतिपक्ष सिंघार का ट्वीट, सिर्फ 17 पदों पर भर्ती युवाओं से छल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एमपी लोक सेवा आयोग इंदौर की ओर से भर्ती के लिए निकाले गए पदों पर तंज कसते हुए कहा है कि “610 पद स्वीकृत, भर्ती सिर्फ 17 पदों की, मध्यप्रदेश में युवाओं के सपनों के साथ मज़ाक हो रहा है।” सिंघार ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा है कि लोक सेवा आयोग मप्र द्वारा 10 मार्च को ADPO भर्ती की अधिसूचना जारी की गई, लेकिन पूरे प्रदेश के लिए मात्र 17 पदों पर भर्ती निकाली गई जबकि भाजपा सरकार की कैबिनेट बैठक में 26 अगस्त 2025 को हर न्यायालय एक अभियोजक के सिद्धांत पर 610 नए पदों की स्वीकृति दी जा चुकी है। सिंघार ने लिखा है कि पिछली ADPO भर्ती 2021 में हुई थी और लगभग 6 वर्षों बाद आई इस भर्ती में भी इतनी सीमित संख्या युवाओं के लिए गहरी निराशा और पीड़ा का कारण बनी है। वर्षों से तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के सपनों और उम्मीदों पर यह निर्णय मानो ठंडा पानी डालने जैसा है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक और युवाओं के साथ अन्यायपूर्ण है। उम्मीदवारों में असंतोष और चिंता, नोटिफिकेशन के साथ सिलेबस जारी नहीं
सिंघार ने ट्वीट में यह भी लिखा है कि एमपी पीएससी द्वारा जारी ADPO भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों के बीच गंभीर असंतोष और चिंता का माहौल है। सामान्यतः पीएससी की सभी परीक्षाओं में सिलेबस नोटिफिकेशन के साथ जारी किया जाता है, लेकिन इस भर्ती में नोटिफिकेशन के तीन महीने बाद भी सिलेबस जारी नहीं हुआ। पूरे मध्यप्रदेश के लिए केवल 17 पद निकाले गए हैं, जबकि RTI में लगभग 300 पद रिक्त बताए गए हैं। इसके बावजूद इतनी सीमित भर्ती निकालना लाखों युवाओं की उम्मीदों को आहत करता है। पीएससी और सरकार बढ़ाए पदों की संख्या
सिंघार ने लिखा है कि एमपी पीएससी और भाजपा सरकार तत्काल संज्ञान लेकर ADPO भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाए तथा अभ्यर्थियों के लिए निश्चित सिलेबस, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया तय करे क्योंकि यह सिर्फ एक भर्ती का मुद्दा नहीं है, यह लाखों युवाओं के सपनों, वर्षों की मेहनत और उनके भविष्य से जुड़ा सवाल है। प्रदेश के युवाओं को अवसर और न्याय मिलना ही चाहिए। कैबिनेट ने इन पदों को दी है मंजूरी
मोहन कैबिनेट ने 26 अगस्त को हर न्यायालय में एक अभियोजक की नियुक्ति का फैसला लेते हुए 610 पदों को मंजूरी दी थी। इसमें कहा गया था कि अतिरिक्त लोक अभियोजक के 185 पद, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी के 255 पद और सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 100 पदों के साथ सहायक कर्मचारी के 70 पदों का सृजन करते हुए भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। इसके सात माह बाद जारी हुए विज्ञापन में 17 पदों की भर्ती की बात कही गई है। .

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