भितरवार के पवाया गांव में बुधवार को उप स्वास्थ्य केंद्र में एक बड़ा हादसा होने से बच गया। ओपीडी कमरे की जर्जर छत का प्लास्टर अचानक भरभरा कर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से आशा कार्यकर्ता कपूरी बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके सिर में गहरी चोट आई है। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय कमरे के अंदर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) ध्रुव जाटव, आशा कार्यकर्ता कपूरी बाई नामदेव और प्रवेश गुर्जर मौजूद थे। उनके साथ ही इलाज के लिए आई गर्भवती महिलाएं संजू आदिवासी और मुस्कान आदिवासी भी वहीं बैठी थीं। गनीमत रही कि प्लास्टर गिरने पर बाकी लोग बाल-बाल बच गए, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। हादसे के तुरंत बाद घायल आशा कार्यकर्ता को सामुदायिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उनका इलाज किया। चार साल पहले सिर्फ लीपापोती कर छोड़ दिया था भवन गांव के रहने वाले ब्रजेश और संजय ने बताया कि यह उप स्वास्थ्य केंद्र सालों से बेहद खराब हालत में है। करीब चार साल पहले विभाग ने इस पर केवल लीपापोती करके मामूली मरम्मत कराई थी और दोबारा शुरू कर दिया था। आज भी इस पूरी बिल्डिंग की हालत खस्ता है। सीएचओ ध्रुव जाटव ने बताया कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को इस जर्जर बिल्डिंग के बारे में लिखकर दिया है। उन्होंने कहा कि जिस कमरे में वे ओपीडी चला रहे थे, वह बाकी कमरों से थोड़ा ठीक था, लेकिन अचानक उसका प्लास्टर भी गिर गया। उन्होंने कहा कि यह तो किस्मत अच्छी थी कि किसी की जान नहीं गई, क्योंकि यहां रोज बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। जांच और नए भवन की मांग पर अड़े ग्रामीण इस हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस खतरनाक और जर्जर बिल्डिंग को तुरंत बंद किया जाए। स्वास्थ्य केंद्र को किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जाए या फिर जल्द से जल्द नया भवन बनाया जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
