इंदौर में आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय BRICS कृषि सम्मेलन का गुरुवार को तीसरा दिन है। भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों सहित करीब 20 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन के दौरान संयुक्त घोषणा पत्र को लेकर पहला सेशन पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण की चर्चा जारी है। विशेष रात्रि भोज में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार शाम इंदौर पहुंचे। दोनों नेताओं का इंदौर एयरपोर्ट पर भाजपा विधायकों, नगर अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष सहित पार्टी पदाधिकारियों ने दुपट्टा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
यहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का होटल मेरियट में विदेशी डेलिगेट्स के साथ डिनर हुआ। सम्मेलन में कृषि, खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि नवाचार, किसानों की आय बढ़ाने और वैश्विक कृषि सहयोग जैसे अहम विषयों पर मंथन किया जा रहा है। आयोजन को भारत और मध्यप्रदेश के लिए कृषि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 12 जून को मंत्री स्तरीय संवाद सम्मेलन के तहत 12 जून को कृषि मंत्रियों का विशेष संवाद आयोजित होगा। इसका विषय ‘लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा’ रखा गया है। इस सत्र में कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी, डिजिटल तकनीकों के उपयोग, जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों और टिकाऊ खेती के मॉडल पर चर्चा होगी। 13 जून को होगी कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक 13 जून को ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सदस्य देशों के बीच कृषि सहयोग मजबूत करने, खाद्य हानि कम करने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श होगा। बैठक के अंत में साझा सहमति और सुझावों पर आधारित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज भी तैयार किया जाएगा। चार प्रमुख विषयों पर फोकस सम्मेलन में मुख्य रूप से चार विषयों पर चर्चा केंद्रित रहेगी बनेगी ‘ब्रिक्स वाटिका’ सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए विशेष ‘ब्रिक्स वाटिका’ विकसित की जाएगी। इसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि सामूहिक पौधारोपण करेंगे। यह पहल प्रकृति संरक्षण और सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जा रही है। मध्यप्रदेश को मिलेगा वैश्विक मंच विशेषज्ञों के अनुसार यह सम्मेलन केवल अंतरराष्ट्रीय आयोजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश को वैश्विक कृषि, निवेश और नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने का बड़ा अवसर भी है। इससे प्रदेश की कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात संभावनाओं को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सम्मेलन में कब क्या होगा दिन-4 : शुक्रवार, 12 जून 2026 दिन-5 : शनिवार, 13 जून 2026
