इंदौर में नीट (National Eligibility cum Entrance Test) की तैयारी कर रही छात्रा गुरुवार देर रात तीसरी मंजिल से नीचे आ गिरी। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा के गिरने का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, अवंतिका मौर्य धाकड़ कॉलोनी की एक निजी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रह रही थी। सपना ने बताया कि अवंतिका 3 बार नीट का एक्जाम पास नहीं कर पाई थी। हाल ही में परीक्षा रद्द होने के बाद वह तनाव में थी। कल सामान्य रूप से बातचीत भी नहीं कर रही थी। पूरे दिन काफी चुप-चुप थी। ज्यादातर सवालों के जवाब सिर्फ हां या न में ही दे रही थी। गुरुवार रात करीब 11:30 बजे वह मोबाइल पर बहन नैना से बात कर रही थी। इसी दौरान सीढ़ियां चढ़ते हुए छत की तरफ चली गई। फिर नीचे आ गिरी। आवाज सुनकर बिल्डिंग में रहने वाले लोग बाहर आए। एम्बुलेंस और पुलिस को फोन किया। पिता बोले- कैसे गिरी, पता नहीं अवंतिका मूल रूप से धार जिले की रहने वाली थी। पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य खरगोन के भिकनगांव में मेडिकल अफसर हैं। एमवाय अस्पताल में ट्रेनिंग की वजह से पांच दिन पहले ही इंदौर आए थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के समय वे फ्लैट के अंदर थे। अवंतिका किन परिस्थितियों में गिरी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। पिता घायल अवंतिका को लेकर तुरंत जूपिटर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उसने दम तोड़ दिया। कॉल डिटेल और परिस्थितियों की जांच भंवरकुआं थाना प्रभारी संतोष दूधी ने कहा- अवंतिका के मोबाइल की जांच, कॉल डिटेल और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा दुर्घटनावश गिरी थी या उसने आत्महत्या की है। एसएफएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। जनवरी में पी लिया था फिनाइल चचेरे भाई धन सिंह ने कहा- अवंतिका गुरुवार को मेरे साथ थी। वह बार-बार टिंचा फॉल चलने की जिद कर रही थी लेकिन मैं उसने नहीं ले गया। रात करीब 9 बजे मैंने उसे घर छोड़ा था। धन सिंह ने कहा- अवंतिका ने जनवरी में फिनाइल पीकर सुसाइड की कोशिश की थी। 3 बार नीट क्लियर नहीं होने पर बहन और पिता ने आगे तैयारी करने से भी मना कर दिया था। इस साल उसका खरगोन के फॉर्मेसी कॉलेज में एडमिशन करवा दिया गया था। गुना में NEET छात्रा ने रेलवे ओवरब्रिज से लगाई थी छलांग इससे पहले 6 जून की सुबह करीब 8 बजे गुना में नीट की तैयारी कर रही 19 वर्षीय युवती ने बजरंगगढ़ रेलवे ओवरब्रिज से छलांग लगा दी थी। उसके पिता कॉन्स्टेबल हैं, जो आरोन में पदस्थ हैं। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया- हमें सूचना मिली थी कि एक आरक्षक की बेटी ओवरब्रिज के पास घायल हुई है। प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है। युवती खुद ओवरब्रिज से कूदी है या किसी अन्य हादसे का शिकार होकर नीचे गिरी है, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल युवती की हालत गंभीर है और वह बयान देने की स्थिति में नहीं है। उसके होश में आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी। मऊगंज की आकांक्षा ने नागपुर में लगाई थी फांसी 20 मई को उमरिया की रहने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी ने नागपुर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। सुसाइड नोट में उसने लिखा था, ‘मम्मी-पापा आपको भरोसा था कि आपकी बेटी पढ़-लिखकर डॉक्टर बनेगी, लेकिन अब दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर। पहले पेपर में अच्छे मार्क्स आने की उम्मीद थी, लेकिन अब दोबारा अच्छा पेपर होगा, इसकी गारंटी नहीं है। सॉरी मम्मी-पापा, मैंने सब बर्बाद कर दिया।’ आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी मगनिया गांव में रहते हैं। उन्होंने कहा- हमारी बिटिया पढ़ाई में होशियार थी। बड़ी उम्मीद थी। इसी वजह से हैसियत न होते हुए भी पढ़ाई के लिए उसे नागपुर भेजा था। परीक्षा देने के बाद फोन किया था। बहुत खुश थी वह। उसके पेपर बहुत अच्छे गए थे, लेकिन जैसे ही पेपर लीक और फिर रद्द होने की खबर आई तो वह टूट गई। उसे लगा कि मेहनत पर पानी फिर गया। ये खबर भी पढ़ें… नीट छात्रा सुसाइड; राहुल गांधी ने पूछा-मदद चाहिए तो बताइए NEET पेपर लीक से दुखी होकर जान देने वाली एमपी के मऊगंज की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी के माता-पिता से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने फोन पर बात की। राहुल ने आकांक्षा की मां नीलम से कहा- मैं आपकी यदि कोई सहायता कर सकता हूं तो बताइए। इस पर नीलम ने कहा- आप तो खुद देश की रक्षा कर रहे हैं। मेरा तो जो गया, वो लौटकर तो नहीं आएगा। पढे़ं पूरी खबर…
