देश में टेलीग्राम पर NEET री-एग्जाम तक रोक रहेगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को टेलीग्राम की केंद्र सरकार के बैन के खिलाफ लगाई याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस तेजस कारिया ने कहा, ‘ सरकार के पास आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत बैन लगाने का अधिकार है।’ केंद्र सरकार ने 16 जून को NEET री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी बैन लगा दिया था। इसके बाद टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। गुरुवार को मामले की सुनवाई पूरी हुई और कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट में सरकार ने दलील दी कि री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इस पर कोर्ट ने पूछा था कि कुछ परीक्षार्थियों की वजह से 15 करोड़ टेलीग्राम यूजर्स के अधिकारों पर रोक कैसे लगाई जा सकती है। सरकार ने हलफनामे में 5 दावे किए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि टेलीग्राम में एक अकाउंट से 40 बॉट बन सकते हैं, जबकि वाट्सएप में हर यूजर पर एक बॉट होता है। टेलीग्राम साइबर क्राइम, पेपर लीक, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, आतंकवाद बढ़ाने और वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद सरकार ने दावे किए… टेलीग्राम का दावा- NEET से जुड़े 900 से ज्यादा लिंक हटाए टेलीग्राम का पक्ष एडवोकेट ध्रुव मेहता ने रखा। उन्होंने कोर्ट में कहा कि जो कुछ हुआ, हम सब जानते हैं। बहुत सारे छात्र प्रभावित हुए। दूसरा पहलू यह है कि क्या उस एक घटना को रोकने के लिए पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया जा सकता है? टेलीग्राम ने बताया कि 9 जून को अधिकारियों से विशिष्ट यूआरएल मिलने के एक घंटे के भीतर ही प्रतिबंधित सामग्री को हटा दिया।
यह भी दावा किया कि उसने गैर-कानूनी NEET सामग्री से जुड़े 900 से ज्यादा लिंक हटाए हैं। नियमों के उल्लंघन की पहचान करने के लिए AI, मशीन लर्निंग टूल और मैन्युअल मॉडरेशन का इस्तेमाल किया है। चीन, फ्रांस, रूस जर्मनी में टेलीग्राम पर हो चुकी कार्रवाई सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि पिछले कुछ सालों में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस ऐप से जुड़ी धोखाधड़ी की शिकायतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अकेले 2025 में 2.75 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 3,086 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी शामिल है। सरकार ने चीन, ईरान, फ्रांस, रूस, जर्मनी और ब्राजील जैसे कई देशों में टेलीग्राम के खिलाफ की गई रेगुलेटरी और एनफोर्समेंट कार्रवाई का भी जिक्र किया। ये कार्रवाई स्थानीय कानूनों का पालन न करने, कंटेंट मॉडरेशन में कमी और कानून लागू करने से जुड़ी चिंताओं जैसे मुद्दों पर की गई थीं। पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई परीक्षा रद्द हुई NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को देश भर में आयोजित की गई थी। करीब 23 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन NEET यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… 2 दिन में 4 NEET स्टूडेंट ने सुसाइड किया: गुजरात का छात्र छठी मंजिल से कूदा; तमिलनाडु की छात्रा ने लिखा- दोबारा एग्जाम से डर तमिलनाडु के कोयंबटूर में NEET की तैयारी कर रही 19 साल की छात्रा अनुकीर्तना ने बुधवार सुबह जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले छात्रा ने अपने चाचा और करीबी रिश्तेदारों को वॉट्सएप मैसेज भेजे थे। वहीं, अहमदाबाद के न्यू रानीप इलाके में बुधवार रात करीब 2:30 बजे 17 साल के छात्र ने आनंदम फ्लैट्स के ब्लॉक बी की छठी मंजिल से छलांग लगा दी। पुलिस जांच में पता चला कि छात्र NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
