क्राइम फाइल्स में पार्ट-1 में आपने पढ़ा, 6 नवंबर 2020 को जिला अस्पताल में एक युवती को दो महिलाएं छोड़कर चली गईं। युवती ने अगले दिन एक बच्ची को जन्म दिया। युवती बोल-सुन नहीं सकती थी। काउंसलर से इशारों में हुई बातचीत में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पीड़िता के संकेतों के आधार पर पुलिस ‘कबीर आश्रम’ पहुंची। बिना पंजीकरण और अनुमति के करीब 20 वर्षों से चल रहे इस आश्रम से 6 अन्य असहाय महिलाओं को रेस्क्यू किया गया। तलाशी के दौरान आश्रम से यौन क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं भी मिलीं। प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने आश्रम को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। दूसरी तरफ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि मूक-बधिर युवती से आरोपी के बारे में जानकारी कैसे हासिल की जाए। उसके साथ दुष्कर्म करने वाला आरोपी कौन था? इस आश्रम की दीवारों के पीछे की असली हकीकत क्या थी? इस पार्ट में पढ़िए… पुलिस ने मूक-बधिर विशेष शिक्षक मोनिका पुरोहित की मदद ली। उन्होंने पीड़िता के इशारों और भाव-भंगिमाओं को समझकर उसकी बात पुलिस तक पहुंचाई। इसी प्रक्रिया के जरिए जांच टीम ने पीड़िता से घटना और आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल की। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने कबीर आश्रम से जुड़े लोगों के DNA सैंपल भी लिए। आठ तस्वीरें रखीं, चार चेहरों पर ठहरी नजर जांच के दौरान आश्रम से जुड़े बाबा समेत 8 संदिग्धों की तस्वीरें एक टेबल पर रखी गईं। इनमें उनके चेले भी थे। पुलिस ने तस्वीरें पीड़िता के सामने रखकर शिनाख्त की कोशिश की। यहीं इस मामले की जांच में बड़ा मोड़ आया। पीड़िता ने तस्वीरें देखकर चार लोगों की पहचान की। ये थे- भारत सिंह राव, दिलीप यादव, दलप सिंह और मिथुन चौरसिया। पीड़िता ने संकेतों के जरिए बताया कि इन लोगों ने अलग-अलग मौकों पर उसके साथ रेप किया था। अब यह मामला एक से अधिक बार रेप का बन गया था। चारों ने कैसे युवती को शिकार बनाया इस सवाल का जवाब युवती ने खुद ही इशारों में दिया। उसने बताया कि भारत सिंह राव आश्रम में ढोलक बजाने का काम करता था।
वह उसे अकसर गाड़ी में ले जाता था और उसके साथ गलत काम करता था। उसने कई बार उसके साथ रेप किया। मिथुन चौरसिया के बारे में पीड़िता ने संकेतों के जरिए बताया कि वह भी उसके साथ गलत काम करता था और चुप रहने के लिए उसे पैसे देता था। दलप सिंह खुद विकलांग था और उसे दूसरों का सहारा भी लेना पड़ता था। पीड़िता ने उसके बारे में भी बताया कि उसने रेप किया है। DNA रिपोर्ट ने खोला राज फोरेंसिक सबूत इस मामले में अदालत के लिए बेहद अहम साबित हुए। पीड़िता और नवजात बच्ची के रक्त के नमूने लिए गए।
दूसरी तरफ आरोपियों के भी DNA सैंपल लिए गए। पुलिस ने इन नमूनों को जांच के लिए भेजा। DNA रिपोर्ट में सामने आया कि युवती ने जिस बच्ची को जन्म दिया था, उसका जैविक पिता भारत सिंह राव था। मामला सिर्फ DNA रिपोर्ट तक सीमित नहीं था। अदालत को यह तय करना था कि क्या उपलब्ध सभी सबूत मिलकर आरोप साबित करते हैं। अदालत ने सिर्फ DNA को नहीं माना आधार अदालत ने मामले में सिर्फ DNA रिपोर्ट के आधार पर फैसला नहीं किया। उसने पीड़िता के बयान, तस्वीरों के जरिए की गई पहचान, विशेष शिक्षक द्वारा इशारों का अनुवाद, डॉक्टरों की गवाही और मामले से जुड़ी अन्य परिस्थितियों को भी देखा। अदालत ने माना कि भारत सिंह राव, दलप सिंह और मिथुन चौरसिया के खिलाफ पीड़िता की गवाही भरोसेमंद है। अदालत के अनुसार, इन आरोपियों ने अलग-अलग समय पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। आश्रम के संचालक की भूमिका पर भी उठे सवाल इस मामले में आश्रम के संचालक बाबा मंगलनाम सैंधव को भी आरोपी बनाया गया। आरोप था कि उन्हें आश्रम में पीड़िता के साथ हो रहे अपराध की जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी और अपराध को छिपाने में भूमिका निभाई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य भी आया कि कबीर आश्रम/गौशाला का संचालन आवश्यक पंजीकरण प्रमाण-पत्र के बिना किया जा रहा था। अब अदालत के सामने सवाल था कि आश्रम के संचालक की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप किस हद तक साबित होते हैं और प्रत्यक्ष अपराध के आरोपों में शामिल लोगों के खिलाफ क्या फैसला दिया जाए। तीन आरोपियों को 10-10 साल की सजा 5 अप्रैल 2023 को देवास के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनीष सिंह ठाकुर ने मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने भारत सिंह राव, दलप सिंह और मिथुन चौरसिया को दोषी ठहराया। तीनों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही तीनों पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। आश्रम के संचालक बाबा मंगलनाम सैंधव को 2 महीने 21 दिन के कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं, दिलीप यादव को रेप का दोषी नहीं पाया गया और उसे दोषमुक्त कर दिया गया। क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें… रेप के बाद आश्रम में प्रेग्नेंट हुई युवती, इशारों में बताया उसके साथ क्या हुआ मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज बात देवास के एक ऐसे आश्रम की। इस आश्रम को उन महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बताया जाता था, जिनकी जिंदगी पहले ही कई मुश्किलों से गुजर चुकी थी। पढ़ें पूरी खबर…
