क्राइम फाइल्स के पार्ट 1 में आपने पढ़ा कि बैतूल के आमला की रहने वाली 19 साल की रिया (बदला हुआ नाम) इंदौर से अचानक लापता हो गई थी। एक महीने बाद वह आमला के एक आधे-अधूरे बने मकान में कैद मिली।
करीब एक महीने तक बंद कमरे में कैद रही रिया जब परिवार को मिली, तो उसकी आंखों में डर था। नौकरी की तलाश में इंदौर गई 19 साल की युवती आखिर कैसे तीन दरिंदों के जाल में फंस गई? किस तरह उसे अलग-अलग जगहों पर बंद रखकर हैवानियत की गई? और कौन था इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड? अब पार्ट-2 में पढ़िए… इंदौर में संघर्ष, फिर एक छोटी सी गलती रिया मार्च में नौकरी की तलाश में इंदौर आई थी। एक महिला की मदद से उसे एक शोरूम में काम मिल गया। तनख्वाह कम थी, लेकिन उसने सोचा था कि कुछ समय बाद बेहतर नौकरी ढूंढ लेगी। करीब छह महीने बाद जब उसने नौकरी बदलने की कोशिश की तो पता चला कि उसका आधार कार्ड खो चुका है। नए दस्तावेज बनवाने के बिना दूसरी नौकरी मिलना मुश्किल था। इसी बीच उसने आमला में रहने वाले अपने परिचित छोटे पवार से मदद मांगी। छोटे ने कहा-आ जाओ, आधार कार्ड बनवा दूंगा। रिया के पास पैसे भी खत्म हो रहे थे। कमरे में बंद कर छोटे ने किया दुष्कर्म आमला पहुंचने के बाद छोटे ने उसे एक किराए के कमरे में ठहराया। उसने मकान मालिक से कहा कि रिया उसकी रिश्तेदार है और कोचिंग के लिए आई है। कुछ दिन बाद आधार कार्ड बनवाने का बहाना करते हुए उसने कहना शुरू किया कि नवरात्रि के कारण दुकानें बंद हैं। फिर एक दिन उसने कमरे का ताला बाहर से बंद कर दिया। रिया ने पुलिस को बताया कि उसी कमरे में छोटे ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो वह उसे और उसके रिश्तेदारों को मार देगा। डर इतना गहरा था कि रिया ने मदद मांगने की भी हिम्मत नहीं की।दिनभर कमरा बाहर से बंद रहता। फिर दोस्तों से भी कराया रिया का रेप कुछ दिन बाद छोटे उसे बाहर घुमाने के बहाने ले गया। उसने कहा कि नवरात्रि की झांकियां दिखाएगा। लेकिन वहां पहले से उसके दो दोस्त-राम और मंगल मौजूद थे। रिया के मुताबिक, छोटे उसे उनके पास छोड़कर चला गया। इसके बाद दोनों ने उसके साथ गैंगरेप किया। तबीयत बिगड़ने पर उसे फिर उसी कमरे में बंद कर दिया गया। जबरन सुसाइड नोट भी लिखवा लिया 9 अक्टूबर को रिया के एक रिश्तेदार ने उसे आमला में देखा। वह डरी हुई थी और घर जाने से इनकार कर रही थी। उसने सिर्फ इतना कहा- यहां से चले जाओ। ये लोग तुम्हें भी मार डालेंगे। इसी बीच छोटे को भनक लग गई कि अब मामला उसके हाथ से निकल सकता है। रिया के बयान के मुताबिक, 13 अक्टूबर को छोटे उसे मंगल के पास ले गया। वहां टॉर्च की रोशनी में उससे जबरन एक सुसाइड नोट लिखवाया गया। उसमें लिखा गया कि उसकी मौत के जिम्मेदार उसके चाचा-चाची होंगे। छोटे को पकड़ा तो रिया का पता चला रिया मदद के लिए चीखती रही, लेकिन मकान सुनसान जगह पर था। उसकी आवाज दीवारों से बाहर नहीं निकल पाई। इस बीच मकान मालिक के बताए हुलिए के आधार पर छोटे को पकड़ लिया गया। कुछ घंटे बाद उसके भाई, मामा और चाचा आरोपी के बताए ठिकाने तक पहुंचे। दरवाजे पर ताला लगा था। पत्थर से ताला तोड़ा गया। अंदर अंधेरा था। कमरे के कोने में सिकुड़कर रिया बैठी थी। वह बेहद डरी हुई थी। तीनों बदमाशों को मिली उम्रकैद की सजा परिवार उसे सीधे थाने लेकर पहुंचा। पुलिस ने अपहरण और गैंगरेप का मामला दर्ज किया। जांच में मेडिकल रिपोर्ट, डीएनए सैंपल और गवाहों के बयान आरोपियों के खिलाफ मिले।
पुलिस ने छोटे पवार, रामसिंह और मंगल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन सारे सबूत उनके खिलाफ थे। 17 नवंबर 2022 को आमला की तृतीय सत्र न्यायालय ने तीनों को अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें… एक महीना, बंद कमरा और तीन दरिंदे मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी बैतूल के उस किडनैपिंग-रेप केस की, जिसने पुलिस तक को हिला दिया था। नौकरी के लिए इंदौर गई 19 साल की युवती अचानक लापता हो गई। परिवार ने उसे हर जगह तलाशा, लेकिन एक महीने तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। पढ़ें पूरी खबर…
