मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। पीएम नरेंद्र मोदी की अपील की अनदेखी
दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की थी कि भारत इस समय बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, इसलिए पेट्रोल, डीजल और गैस जैसी चीजों का संयम से उपयोग करें। लेकिन पीएम मोदी की इस अपील को उनकी ही पार्टी भाजपा के कई नेता धुआं-धुआं करते नजर आए। कई नेता, पदाधिकारी, मंत्री और विधायक मानो इस संदेश से बेखबर दिखे। पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ने अपना रसूख दिखाते हुए करीब 700 वाहनों का काफिला निकाला और उज्जैन से भोपाल पदभार ग्रहण करने पहुंचे। इस दौरान कई जगह जाम की स्थिति बन गई। मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी लंबे-चौड़े काफिले के साथ खंडवा की सड़कों पर नजर आए। वहीं भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी भी सैकड़ों वाहनों के साथ सड़क पर दिखाई दिए। हालांकि, इस किरकिरी के बाद मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में वाहनों की संख्या सीमित की जाएगी। साथ ही सरकारी दौरों के दौरान वाहन रैलियों पर रोक रहेगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि नवनियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारी सादगी के साथ कार्यभार ग्रहण करेंगे। पदभार ग्रहण करने ई-रिक्शा में पहुंचे नेता
कुछ नेताओं पर पीएम मोदी की अपील का असर भी दिखा। भोपाल में मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ई-रिक्शा से पदभार ग्रहण करने पहुंचे। हालांकि, उनके समर्थकों का कार और बाइक काफिला साथ-साथ चलता नजर आया। मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन भी ई-रिक्शा से भाजपा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे केवल तीन लोगों के साथ आए थे, बाकी लोग किस वाहन से पहुंचे, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। कुल मिलाकर एक ओर ओहदे और रुतबे का प्रदर्शन दिखा, तो दूसरी ओर सादगी का प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी। जनता दिखावे और वास्तविकता का फर्क अच्छी तरह समझती है।नेता अगर रील की बजाय वास्तविक जीवन में सादगी अपनाएं, तभी इसका असर दिखेगा। ई-स्कूटी पर सवार ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर पीएम की अपील का कुछ ज्यादा ही असर नजर आया। वे हेलमेट पहनकर ई-स्कूटी से मंत्रालय पहुंचे और इसका वीडियो भी बनवाया। हालांकि, उनके इस कदम को पब्लिसिटी से जोड़कर भी देखा जा रहा है, क्योंकि वे ऐसे प्रतीकात्मक स्टेप्स के लिए पहले भी चर्चा में रहे हैं। मंत्री ने कहा कि वे बाहर जिलों के दौरे पर ट्रेन या कार का उपयोग करेंगे, लेकिन भोपाल और ग्वालियर में जहां संभव होगा, वहां ई-स्कूटी से ही आवागमन करेंगे। खरी बात यह है कि यदि यह पहल लगातार और बिना दिखावे के जारी रहे, तो यह अन्य नेताओं के लिए भी एक सकारात्मक संदेश बन सकती है। पटवारी का तंज, पीएम मोदी से की ये अपील
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पीएम मोदी की अपील का असर जरूर होगा और इसकी शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सामान्य परिवहन अपनाने की अपील की। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए कहा- ‘मोदी जी कहते हैं पेट्रोल मत खरीदो, सोना मत खरीदो… हम उनसे कहेंगे कि आप विधायक मत खरीदो।’ कुल मिलाकर, इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ सत्ताधारी नेताओं का शक्ति प्रदर्शन दिखा, तो दूसरी तरफ सादगी की झलक भी। लेकिन सवाल वही है कि यह बदलाव दिखावे तक सीमित रहेगा या जमीन पर भी नजर आएगा। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), कपिल मिश्रा (शिवपुरी) ये भी पढ़ें –
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