आईएएस अफसर क्रेडिट पाने के लिए किस तरह के दाव पेंच खेलते हैं, इसका ताजा मामला आईएएस एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप में आया है और जो आईएएस लॉबी में खासा चर्चा में भी है। यह दाव पेंच सीधी भर्ती और प्रमोटी आईएएस के बीच चल रही सालों पुरानी खुन्नस के ताजा कमेंट के रूप में आया है जिसके बाद प्रमोटी आईएएस अफसरों में गुस्सा है। दरअसल यह ताजा मामला छिंदवाड़ा जिले की आईटी आधारित पहल को वॉश ऑन व्हील्स को लेकर चर्चा में आया जिसको लेकर प्रमोटी आईएएस अधिकारी और छिंदवाड़ा के पूर्व कलेक्टर शीलेंद्र सिंह की पहल को लेकर ग्रुप में बधाइयों का दौर चल रहा था। इसी दौरान अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास विभाग ने एक कमेंट कर पूरा माहौल बदल दिया और न सिर्फ बधाइयों का दौर थम गया बल्कि प्रमोटी आईएएस अफसरों में उनके कमेंट्स के बाद गुस्सा भी देखा गया लेकिन बाहर कोई कुछ खुलकर बोलना नहीं चाह रहा है। अंग्रेजी में यह कमेंट लिखा दीपाली रस्तोगी ने अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी ने संबंधित पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि यह किसी एक अधिकारी की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरी छिंदवाड़ा टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अपने कमेंट में उन्होंने लिखा कि छिंदवाड़ा टीम के प्रयासों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं युवा आईएएस अधिकारी अग्रिम कुमार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि आईटी आधारित पहल का नेतृत्व अग्रिम कुमार ने किया था और बाद में उनके तथा एनआईसी के सहयोग से इस मॉडल को राज्य स्तर पर भी लागू किया गया। रस्तोगी ने कहा कि छिंदवाड़ा में विकसित इस नवाचार को राज्य स्तर पर दोहराया गया है, जो टीमवर्क और प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण है। उन्होंने विशेष रूप से अग्रिम कुमार और एनआईसी के योगदान का उल्लेख किया। प्रमोटी अफसरों को क्रेडिट न मिले, इसका कोई मौका नहीं छोड़ते अपर मुख्य सचिव के इस बयान के बाद चर्चा का रुख बदल गया और छिंदवाड़ा मॉडल को टीमवर्क आधारित सफलता के रूप में देखा जाने लगा। इसके बाद यह कयास बाजी तेज हो गई है कि सीधी भर्ती के अफसर प्रमोटी अफसरों को श्रेय नहीं लेने देते। इतना ही नहीं दीपाली ने अग्रिम कुमार का उल्लेख करते हुए उन्हें “Young IAS Officer” बताया और “Young” शब्द को विशेष रूप से उद्धरण चिह्नों (Quote-Unquote) में लिखा। इसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया और अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बन गया। चार दिन पहले डिंडोरी के मॉडल पर भी सीधी भर्ती के अफसरों को श्रेय देने वाला कमेंट इसके चार दिन पहले भी दीपाली रस्तोगी ने डिंडोरी में जनजातीय कार्य विभाग की प्रमोटी अधिकारी मीनाक्षी सिंह की उपसचिव और वन्या की एमडी रहने के दौरान किए गए काम पर गौंड पेंटिंग को मिले जीआई टैग के मामले में ग्रुप में दी जा रही बधाई पर कमेंट किया था। सभी मीनाक्षी सिंह के काम को बधाई दे रहे थे तभी एसीएस दीपाली रस्तोगी ने लिखा कि यह एसआरएलएम की एमडी हर्षिका सिंह और उनकी टीम के प्रयास का हिस्सा है। उन्होंने डिंडोरी कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत के जरिये इस पर अच्छा काम किया है। हर्षिका सिंह और डिंडोरी कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत सीधी भर्ती के अफसर हैं। इसलिए यहां भी रस्तोगी ने इन्हें ही क्रेडिट देने का काम किया। यहां गौरतलब है कि इसके पहले भी रस्तोगी इस तरह के कमेंट्स कर विवादों में रही हैं।
