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UCC का डर या गलतफहमी? निकाह के आवेदनों में उछाल:वक्फ ने कहा- भ्रमित न हों, रिश्तेदारों में शादी पर रोक नहीं

समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मुस्लिम समाज में रिश्तेदारों के बीच निकाह पर रोक की आशंका के बीच भोपाल में निकाह के आवेदनों की संख्या में अचानक बड़ा उछाल आया है। सामान्य दिनों में जहां रोजाना करीब 30 से 40 आवेदन आते थे, वहीं पिछले तीन-चार दिनों में यह संख्या बढ़कर करीब 300 प्रतिदिन हो गई। इसे UCC लागू होने से पहले निकाह कराने की जल्दबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। रिश्तेदारों में निकाह को लेकर बनी आशंका मुस्लिम समाज के कुछ परिवारों में रिश्तेदारों के बीच निकाह की परंपरा रही है। UCC विधानसभा से पारित होने के बाद ऐसे परिवारों में यह चर्चा तेज हुई कि कानून लागू होने पर इस तरह के विवाह प्रतिबंधित हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते कई परिवार जल्द निकाह के लिए आवेदन कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा- धारा पूरी पढ़ने की जरूरत लगातार बढ़ रहे आवेदनों के बीच मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल ने UCC की धारा 4(4) को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। उनका कहना है कि इस प्रावधान को केवल शुरुआती हिस्से के आधार पर नहीं समझा जाना चाहिए। धारा में आगे धार्मिक रूढ़ि, प्रथा या परंपरा के आधार पर होने वाले विवाह को लेकर अपवाद का प्रावधान भी है। परंपरा के तहत होने वाले विवाह को लेकर क्या कहा? सनवर पटेल के अनुसार, यदि किसी समुदाय में रिश्तेदारों के बीच विवाह धार्मिक रूढ़ि, प्रथा या परंपरा के रूप में प्रचलित है, तो ऐसे विवाह को लेकर कानून में अपवाद का प्रावधान मौजूद है। उन्होंने मुस्लिम समाज में प्रचलित रिश्तेदारों के बीच निकाह की परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि UCC के प्रावधानों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। केवल धारा के एक हिस्से को पढ़कर यह मान लेना उचित नहीं है कि रिश्तेदारों के बीच होने वाले सभी निकाह प्रतिबंधित हो जाएंगे। आवेदनों में अचानक बढ़ा दबाव भोपाल में निकाह आवेदन लेने वाली संबंधित कमेटी के स्तर पर सामान्य दिनों में 30-40 आवेदन प्रतिदिन आते हैं। पिछले कुछ दिनों में संख्या करीब 300 प्रतिदिन पहुंचने से प्रक्रिया पर भी अचानक दबाव बढ़ गया है। हालांकि, UCC के लागू होने, उसके प्रभावी होने की तारीख और संबंधित प्रावधानों की अंतिम कानूनी व्याख्या के आधार पर ही इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के बयान के बाद उन परिवारों की चिंता कम होने की उम्मीद है, जो रिश्तेदारों में निकाह पर संभावित रोक की आशंका के चलते जल्दबाजी कर रहे हैं।

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