मध्य प्रदेश में बस यात्रियों पर महंगाई की मार पड़ी है। परिवहन विभाग ने बस किराए में बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी कर नई दरें लागू कर दी हैं। सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ेगा। लंबी दूरी के रूटों पर 55 से 60 प्रतिशत तक किराया बढ़ सकता है। मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष वीरेंद्र साहू ने बताया कि नई दरें लागू होने के बाद 400 रुपए का किराया बढ़कर 600 से 700 रुपए तक पहुंच सकता है। यानी लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले से अधिक किराया देना होगा। सरकार ने 75 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाया किराया परिवहन विभाग ने बस किराए में 75 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की है। नई व्यवस्था के तहत बस ऑपरेटर यात्रियों से अधिकतम 2 रुपए प्रति किलोमीटर तक किराया वसूल सकेंगे। सरकार ने बढ़े हुए किराए का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। 100 किलोमीटर की यात्रा पर बढ़ेगा खर्च नई दरों के अनुसार, 100 किलोमीटर की यात्रा पर पहले करीब 125 रुपए किराया लगता था। अब यह बढ़कर 200 रुपए तक हो सकता है। यानी यात्रियों पर करीब 75 रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन की 7 अगस्त से प्रस्तावित हड़ताल की चेतावनी दी थी। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने बस किराया बढ़ाने का फैसला लिया। इससे बस यात्रियों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा। हड़ताल की चेतावनी के बाद सरकार का फैसला सोमवार को परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और विभागीय अधिकारियों ने बस ऑपरेटरों के साथ बैठक की थी। बैठक में सरकार ने किराया बढ़ाने के संकेत दिए थे। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सहमति भी मिली थी। बाकी मांगों पर फैसला नहीं मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले पांच साल से बस किराया नहीं बढ़ाया था। लगातार बढ़ती डीजल कीमतों और संचालन लागत के कारण छोटे बस ऑपरेटरों के लिए खर्च निकालना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। किराया बढ़ाने का फैसला हो गया है, लेकिन अन्य मांगों पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। 40 रूटों पर निजी बसों को परमिट देने की मांग एसोसिएशन की मांग है कि मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा के लिए आरक्षित 40 रूटों पर निजी बसों को भी संचालन की अनुमति दी जाए। 20 फरवरी को जारी इस संबंधी नोटिफिकेशन फिलहाल होल्ड पर है। ऑपरेटर चाहते हैं कि इसे पूरी तरह निरस्त किया जाए। बस ऑपरेटरों का कहना है कि अगर निजी बसों को इन रूटों पर संचालन की अनुमति नहीं मिली, तो आगे आंदोलन और हड़ताल पर विचार किया जाएगा। बसों की उम्र 20 साल करने की भी मांग बस ओनर्स एसोसिएशन ने सरकार से बसों की वैध संचालन अवधि 15 साल से बढ़ाकर 20 साल करने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि कई अन्य राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है, इसलिए मध्य प्रदेश में भी इसे लागू किया जाना चाहिए। ……………………………………. ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में टैक्सियों का किराया 100% बढ़ा भोपाल में उबर की एयरपोर्ट राइड पहले से महंगी हो गई है। न्यूनतम किराया 50-60 रुपए से बढ़कर 120-150 रुपए तक पहुंच गया है। करीब 10 साल बाद किराए में यह बढ़ोतरी हुई है। टैक्सी चालक संघ के दबाव के बाद कंपनियों ने सहमति जताई है। पढ़ें पूरी खबर…
