Homeमध्यप्रदेशसंडे एमपी मानसून अपडेट: MP में कोटे की 95.4% बारिश:यह 'सामान्य बारिश'...

संडे एमपी मानसून अपडेट: MP में कोटे की 95.4% बारिश:यह ‘सामान्य बारिश’ से कम; अब तक 25 जिलों में कोटा पूरा हुआ

सितंबर के आखिरी दिनों में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर रहा। इससे अब तक मानसून की औसत 35.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह कोटे की 95.4 प्रतिशत है। यह सामान्य बारिश’ की कैटेगिरी से पीछे है। 96 से 104% तक होने वाली बारिश को ही ‘सामान्य बारिश’ माना जाता है। IMD (मौसम केंद्र) की माने तो भोपाल, ग्वालियर समेत 25 जिलों को छोड़ दें तो बाकी में कोटा पूरा नहीं हुआ है। इंदौर संभाग सबसे ज्यादा पिछड़ा है। मानसून को अब 4 दिन ही बाकी बचे हैं। ऐसे में भारी बारिश होने की संभावना कम ही है। लिहाजा, प्रदेश के आधे जिलों में अबकी बार बारिश का कोटा फुल नहीं होगा। हालांकि, 7 जिलों में आंकड़ा सामान्य बारिश के करीब है। प्रदेश में सबसे ज्यादा 50 इंच बारिश मऊगंज, सतना और उमरिया में हुई है, जबकि इंदौर संभाग के आलीराजपुर में 20 इंच पानी भी नहीं गिरा है। इन जिलों में कोटा फुल इधर, प्रदेश के जिन 25 जिलों में 100% या इससे ज्यादा बारिश हो चुकी है, उनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। वहीं, 90 से 99 प्रतिशत वाले जिलों में नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडौरी, अशोकनगर, दमोह, मंदसौर और मुरैना शामिल हैं। 30 सितंबर तक मानसूनी सीजन मौसम विभाग के अनुसार, मानसून सीजन 1 जून से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलता है। इस दौरान होने वाली बारिश मानसूनी कहलाती है। हालांकि, कई बार अक्टूबर में भी बारिश होती है, जो एक तरह से बोनस के रूप में ही होती है, लेकिन इसे मौसम विभाग रिकॉर्ड नहीं करता। इस हिसाब से प्रदेश में मानसून सीजन के सिर्फ 4 दिन और बाकी है। जबलपुर का बरगी डैम फिर फुल हुआ इस बार सितंबर में कई डैम ओवरफ्लो हुए। भोपाल के बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल तक पानी आने के बाद भदभदा और फिर कलियासोत डैम के गेट खोले गए। इसके अलावा बरगी, बाणसागर, गोपीकृष्ण समेत कई डैम लबालब हो चुके हैं। इंदिरा सागर, गांधी सागर, बाण सागर, बारना, कोलार, महान, राजघाट, बरगी, ओंकारेश्वर, जौहिला, कुंडालिया समेत कई डैम में भी 90 प्रतिशत या इससे अधिक पानी जमा है। शनिवार को जबलपुर के बरगी डैम के गेट खोले गए। इस बार 9 दिन लेट आया था मानसून बता दें कि इस बार मानसून 9 दिन देरी से 24 जून को पहुंचा था और अगले नौ दिन में पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। देरी की वजह से प्रदेश में जून महीने में 30 प्रतिशत बारिश कम हुई थी, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में ये आंकड़ा प्लस में 8 प्रतिशत पर आ गया। अगस्त के दूसरे सप्ताह में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया, जो आखिरी तक तक जारी है। सितंबर के पहले सप्ताह में भारी बारिश का दौर बना रहा। तीसरे सप्ताह में पश्चिमी हिस्से में अच्छी बारिश हुई। आखिरी सप्ताह में प्रदेशभर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। प्रदेश में अभी कोटे की 95.4% बारिश रिकॉर्ड IMD की माने तो प्रदेश में अब तक 904 मिमी यानी, 35.6 इंच (95.4 प्रतिशत) बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 37 इंच (940.4 मिमी) की तुलना में 1.4 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा बराबर है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 4% से 21% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। शुक्रवार को भी आंकड़ा बराबर पर आ गया। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 8% से 50% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश
IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। ऐसे समझें बारिश का गणित… 50 इंच से ज्यादा- मऊगंज, सतना और उमरिया। 40 से 50 इंच तक- भोपाल, राजगढ़, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, गुना, दमोह, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और अनूपपुर। 30 से 40 इंच तक- सीहोर, रायसेन, विदिशा, बुरहानपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, ग्वालियर, शिवपुरी, अशोकनगर, दतिया, सागर, देवास, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, रीवा और नर्मदापुरम। 20 से 30 इंच तक- इंदौर, झाबुआ, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, पांढुर्णा, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, मुरैना, हरदा और बैतूल। 20 इंच से कम- आलीराजपुर। मध्य प्रदेश में कैसा रहेगा यह सप्ताह
मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया, सितंबर के आखिरी सप्ताह में पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर रहा। इस वजह से आंकड़े में बढ़ोतरी हुई और यह प्लस में आ गया। पश्चिमी हिस्से में माइनस 11 प्रतिशत है। 5 बड़े शहरों में ऐसा रहेगा मौसम

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here