भोपाल के विकास का तरीका बदलने जा रहा है। 21 साल के इंतजार के बाद सरकार ने नए मास्टर प्लान ‘डेवलपमेंट प्लान-2047’ का ड्राफ्ट जारी किया है। 2047 में 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार प्लान में ‘एक जमीन-एक प्रमुख उपयोग’ की जगह ‘एक जोन-कई गतिविधियां’ का लचीला नियम प्रस्तावित है। इसके तहत जरूरत के मुताबिक एक ही इलाके में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां साथ चल सकेंगी। 5 आवासीय जोन: अरेरा कॉलोनी और चार इमली में सीमित घनत्व नए मास्टर प्लान में नियोजित शहरी क्षेत्र का करीब 43% यानी 26,240 हेक्टेयर हिस्सा आवासीय उपयोग के लिए रखा गया है। इसे 5 जोन में बांटा गया है। एमपी नगर और न्यू मार्केट से आगे बढ़ेगा कमर्शियल भोपाल अब कमर्शियल गतिविधियां सिर्फ न्यू मार्केट और एमपी नगर तक सीमित नहीं रहेंगी। नए प्लान में कमर्शियल मिक्स्ड यूज (CMU) को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। CMU के तहत इन इलाकों में दुकान, ऑफिस, कॉर्पोरेट ऑफिस और आवास जैसी मिश्रित गतिविधियां एक ही जगह हो सकेंगी। मेट्रो के दोनों तरफ 500 मीटर में TOD जोन नए प्लान में मेट्रो आधारित विकास को प्रमुख बदलाव माना गया है। मेट्रो लाइन के दोनों तरफ 500 मीटर तक का क्षेत्र ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट’ (TOD) जोन होगा। यहां लोकल एरिया प्लान (LAP) के जरिए ज्यादा घनत्व और प्रीमियम FAR की अनुमति दी जाएगी। यह व्यवस्था भविष्य की सभी नई मेट्रो लाइनों पर भी लागू होगी। सड़कों और मेट्रो का विस्तार भोपाल में कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए सड़कों और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का प्रस्ताव है। मेट्रो रूट: मौजूदा 27.8 किमी से बढ़ाकर 95.82 किमी करने का प्रस्ताव है। विकास योजना की सड़कें: मौजूदा 515.78 किमी से बढ़ाकर 795.61 किमी की जाएंगी। सड़कों की चौड़ाई: नर्मदापुरम, रायसेन, बेरसिया, विदिशा और बिलकिसगंज रोड शहरी क्षेत्र के बाहर 60 मीटर और अंदर 45 मीटर चौड़ी होंगी। कोलार रोड 45 और चिकलोद रोड 30 मीटर चौड़ी होगी। कम्प्लीट स्ट्रीट: सभी नई सड़कों पर फुटपाथ, सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग, पेड़ों की छांव और स्ट्रीट फर्नीचर की व्यवस्था होगी। तालाब, पहाड़ियों और पुराने भोपाल के लिए संरक्षण प्रावधान 51 किमी का ग्रोथ कॉरिडोर: EKAI सिटी, एयरपोर्ट और उपनगर जुड़ेंगे प्लान में करीब 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में 51 किमी लंबे ‘ग्रोथ कॉरिडोर’ का प्रस्ताव है। यह EKAI सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित CMU, लॉजिस्टिक हब, थोक क्षेत्र और उपनगरों को जोड़ेगा। यहां होटल, हॉस्पिटैलिटी, स्वास्थ्य सेवाएं, IT, AI, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, मॉल, कॉर्पोरेट ऑफिस और आवासीय विकास प्रस्तावित हैं। शुरुआत में BRTS कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसे बाद में MRTS में अपग्रेड करने का प्रस्ताव है। चार दिशाओं से कनेक्टिविटी, ग्रीनफील्ड बायपास भी प्रस्तावित ग्रोथ कॉरिडोर को शहर से जोड़ने के लिए विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर मार्ग की ओर रेडियल कनेक्टिविटी प्रस्तावित है। शहर की बाहरी सीमा पर नए बायपास को ‘ग्रीनफील्ड कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके दोनों ओर 50-50 मीटर जमीन ग्रीन एरिया के लिए सुरक्षित रखने का प्रस्ताव है।
अवैध निर्माण की निगरानी के लिए ‘डिजिटल ट्विन सिटी’ प्लान के क्रियान्वयन और रियल-टाइम निगरानी के लिए ‘डिजिटल ट्विन सिटी’ तकनीक प्रस्तावित है। इससे अवैध निर्माण, शहरी मोबिलिटी और योजना की प्रगति की डिजिटल प्लेटफॉर्म से निगरानी की जा सकेगी। शिक्षा, रिसर्च और AI के लिए EKAI सिटी प्रस्तावित प्लान में एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस (EKAI) City का प्रस्ताव है। इसे शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और AI आधारित ज्ञान अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। ड्राफ्ट के मुताबिक, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
