मध्य प्रदेश में दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) के एक्टिव होने से सोमवार को भी आंधी-बारिश का दौर रहेगा। मंडला, सिवनी समेत 8 जिलों में अलर्ट है। दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में तेज गर्मी पड़ेगी। रविवार को रतलाम में पारा रिकॉर्ड 45.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, सोमवार को बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में 30 से 40Km प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने और बारिश होने का अनुमान है। ऐसा टर्फ-चक्रवात के एक्टिव होने से होगा। रविवार को तीन सिस्टम एक्टिव रहे। इस वजह से इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के 18 जिलों में मौसम बदला रहा। कहीं बादल छाए तो कहीं बूंदाबांदी भी हुई। आज इन जिलों में तेज गर्मी का असर
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, शाजापुर में तेज गर्मी पड़ेगी। रतलाम में रिकॉर्ड 45.5 डिग्री पारा
रविवार को प्रदेश के कई शहरों में तेज गर्मी पड़ी। रतलाम में इस सीजन मई में पहली बार पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यहां दिन का पारा लगातार दूसरे दिन प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। शाजापुर में 44 डिग्री, धार में 42.4 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री और नर्मदापुरम में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायसेन, नरसिंहपुर, सागर और गुना में पारा 40 डिग्री से अधिक ही रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में तापमान सबसे ज्यादा 42.4 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, इंदौर में 41.9 डिग्री, ग्वालियर में 38.4 डिग्री और जबलपुर में 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल से हीट वेव का अलर्ट
मौमस विभाग ने 12 मई से प्रदेश में हीट वेव यानी, लू का अलर्ट जारी किया है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू चल सकती है। मई में पहली बार तेज गर्मी का दौर
प्रदेश में 30 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था। लगातार 11 दिन यानी, 10 मई तक प्रदेश में बारिश हुई। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखने को मिला तो कभी चक्रवात और टर्फ का। इस वजह से मई के पहले सप्ताह में बारिश हुई। 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, ज्यादा देर धूप में न रहें
गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हलके वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में गर्मी के साथ बारिश होती है
भोपाल में मई के मौसम का ट्रेंड देखें तो 10 साल में तेज गर्मी के साथ बारिश का दौर भी देखने को मिला है। 2016 में तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं, मई में बारिश भी होती रही है। 2014 से 2023 तक हर साल इस महीने बारिश दर्ज की गई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी
इंदौर में भी मई में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को यहां 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने मौसम में बदलाव भी देखने को मिलता है। बादल छाने के साथ बौछारें पड़ती हैं। पिछले साल मई में करीब 3 इंच बारिश हुई थी। वहीं 2014 से 2023 के बीच 9 बार मई में बारिश हुई। ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा
ग्वालियर में प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 वर्षों में यहां तापमान एक बार 47 डिग्री सेल्सियस और तीन बार 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को यहां 48.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो रिकॉर्ड है। वहीं, मौसम में बदलाव के कारण मई में बारिश भी होती है। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी (करीब डेढ़ इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई थी। 2023 में भी यहां ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान
जबलपुर की बात करें तो यहां 25 मई 1954 को तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो रिकॉर्ड है। 10 वर्षों में तीन बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया है। मई में यहां बारिश का ट्रेंड भी देखने को मिलता है। 2014 से 2023 तक हर साल इस महीने बारिश हुई। वर्ष 2021 में मई के दौरान 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी, जबकि पिछले साल करीब 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में भी मई महीने में गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड देखने को मिलता है। 22 मई 2010 को यहां तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार गया। हालांकि, पिछले साल तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं पहुंचा। मई में यहां बारिश भी होती है। पिछले साल इस महीने करीब पौन इंच पानी गिरा था।
