मध्यप्रदेश में अंत्योदय परिवारों को राशन दुकानों से 20 रुपए किलो मिलने वाली चीनी पिछले 5 महीने से बंद है। करीब 14 लाख अंत्योदय परिवार प्रभावित हैं। पहले इन्हें गेहूं और चावल के साथ एक किलो चीनी 20 रुपए में मिलती थी। अब चीनी नहीं मिलने से परिवारों को बाजार से खरीदना पड़ रहा है। बाजार में चीनी की कीमत करीब 70 रुपए किलो तक पहुंचने के बीच गरीब परिवारों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ गया है। चीनी बंद करने की वजह केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी बंद किया जाना बताया जा रहा है। 1 अप्रैल से राशन दुकानों पर नहीं मिली चीनी खाद्य विभाग के अनुसार, अंत्योदय परिवारों को राशन दुकान से मिलने वाली चीनी का वितरण 1 अप्रैल 2026 से बंद है। राशन दुकानदारों का कहना है कि 31 मार्च के बाद उन्हें बांटने के लिए चीनी का नया स्टॉक नहीं दिया गया। इससे पहले लाभार्थी एक किलो चीनी के लिए राशन दुकान पर 20 रुपए देते थे। बाजार भाव 40 रुपए किलो से ज्यादा होने के बावजूद उन्हें चीनी रियायती दर पर मिल रही थी। केंद्र से मिलती थी 18.50 रुपए की सब्सिडी खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 20 रुपए किलो की दर से चीनी उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार 18.50 रुपए प्रति किलो सब्सिडी देती थी। राज्य सरकार भी इसमें अंशदान मिलाती थी। इसी व्यवस्था के तहत लाभार्थी को चीनी 20 रुपए किलो में मिलती थी। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र की सब्सिडी 31 मार्च के बाद बंद हो गई। इसके बाद बिना सब्सिडी चीनी उपलब्ध कराना राज्य सरकार के लिए महंगा पड़ रहा था, इसलिए वितरण रोक दिया गया। हालांकि, केंद्र की सब्सिडी बंद करने और राज्य में चीनी वितरण रोकने संबंधी स्पष्ट सार्वजनिक आदेश सामने नहीं आया है। खाद्य विभाग के अधिकारी भी इस बारे में विस्तृत जानकारी देने से बच रहे हैं। अब 20 की जगह 70 रुपए तक खर्च राशन दुकान से 20 रुपए किलो वाली चीनी बंद होने का सीधा असर परिवारों की जेब पर पड़ रहा है। बाजार में कीमत 70 रुपए किलो तक होने पर एक किलो चीनी के लिए करीब 50 रुपए ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। वास्तविक कीमत स्थानीय बाजार के भाव पर निर्भर करेगी। पहले BPL परिवारों की चीनी भी हुई थी बंद अंत्योदय से पहले BPL परिवारों को भी राशन कार्ड पर चीनी मिलती थी। यह सुविधा 2020-21 से बंद कर दी गई थी। अब अंत्योदय परिवारों को मिलने वाली चीनी भी अप्रैल से बंद है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अंत्योदय परिवारों को 20 रुपए किलो वाली चीनी दोबारा कब मिलेगी। सरकार की ओर से इसे जारी रखने या इसके विकल्प को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
